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Monday, 28 September 2015

28-9-2015

कार्यालय, जिला पंचायत जबलपुर
समाचार
ग्रामीणों की सहभागिता से बनाये गांव की कार्ययोजना
मनरेगा का लेबर बजट तैयार करने चार दिवसीय प्रशिक्षण प्रारंभ
प्रशिक्षण में पांच जिलों के 17 ब्लांकों की रिसोर्स टीम हुई शामिल

जबलपुर 28 सितम्बर 2015। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी स्कीम आई.पी.पी.ई. के तहत ग्रामीणों की सहभागिता से गांव के विकास की कार्ययोजना बनाई जाये। कार्ययोजना में गांव के बडे बुर्जुग लोगों की भी मदद ली जाये। गांव के विकास की कार्ययोजना ग्रामीणों की सलाह से बनाई जाने की सूचना ग्रामीणों को पूर्व से दी जाये ताकि उस दिन गांव के अधिक से अधिक शामिल हो सके। कार्ययोजना में महिलाओं को भी शामिल करते हुए उनकी सलाह को भी अनिवार्यरुप से शामिल किया जाये। उक्त विचार मनरेगा परिषद भोपाल के कार्यपालन यंत्री जे.पी. श्रीवास्तव एवं एम.एल. शर्मा ने आज महात्मा गांधी ग्रामीण विकास संस्थान एसआईआरडी आधारताल में आईपीपीई के तहत प्रारंभ किये गये चार दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान दिये। उन्होनें प्रशिक्षण के पहले दिन आईपीपीई के तहत जो ग्रामीणों की सहभागिता से कार्ययोजना बनेगी उसको कैसे क्रियान्वयन किया जाये। ग्राम सभा में सर्वसम्मति से जिन कार्यो की स्वीकृति की जाती हैं उन कार्यो को प्रारंभ किया जाये।
मनरेगा परिषद भोपाल के कार्यपालन यंत्री जे.पी.श्रीवास्तव, प्रदान संस्था के मनोज, एवं परियोजना अधिकारी मनरेगा जी.एस तेकाम द्वारा प्रतिभागियों को मनरेगा अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2016-17 हेतु लेबर बजट निर्माण के संबंध में गहन प्रशिक्षण दिया गया। उन्होनें बताया कि आईपीपीई. द्वितीय प्रषिक्षण के माध्यम से वित्तीय वर्श 2016-17 का लेबर बजट निर्माण प्रक्रिया में ग्राम स्तर पर सामुदायिक एवं हितग्राही मूलक कार्यों की जानकार ग्रामीणोें को देते हुए योजनाओं का चिन्हांकन एवं क्रियान्वयन की रणनीति तैयार की जायेगी। 
इस प्रक्रिया में ग्रामीण क्षेत्रों के अत्यंत पिछडे परिवारों एवं समुदायों की भूमिका महत्पूर्ण है। अनुसूचित जाति जनजाति, महिलाओं, विकलांग व्यक्तियों, श्रमिक वर्ग, ऐसे परिवार जिसमें महिलाएं या विकलांग व्यक्ति परिवार के मुखिया हों, पंचायतीराज प्रतिनिधि, ब्लांक प्लानिंग टीम के सदस्य तथा जिला स्तर के पर्यवेक्षकों को शामिल कर 2016-17 हेतु लेबर बजट को अंतिम रूप दिया जा रहा है। विकासखण्ड स्तर पर आयोजित प्रशिक्षण की संपूर्ण कार्यवाही तथा पंचायतों द्वारा प्रस्तुत लेबर बजट को त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं से अनुमोदान उपरांत नरेगा सांफ्ट पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। प्रशिक्षण में सिवनी जिले के पांच ब्लाक, जबलपुर, नरसिंहपुर एवं कटनी डिण्डौरी के सात एवं सतना जिलें के दो ब्लाक के अधिकारी एवं रिसोर्स टीम के लोग शामिल हुए। प्रशिक्षण के दूसरे आईपीपीई की कार्ययोजना ग्राम पंचायतों में जाकर बनाने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।


मोबाइल एप से होंगे काम आसान
प्रशिक्षण में दी जानकारी

जबलपुर 28 सितम्बर 2015। महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोजगार गांरटी योजना मनरेगा की मॉनीटरिंग और जानकारी का आदान-प्रदान अब स्मार्ट मोबाइल डिवाइस से होगा। इससे प्रदेश में मनरेगा के क्रियान्वयन में पारदर्शिता के साथ जनपद, जिला और राज्य स्तर तक योजना की निगरानी में आसानी होगी। मोबाइल एप के जरिये मजदूरों की दैनिक उपस्थिति तथा रोजगार मूलक कार्यों का साप्ताहिक मूल्यांकन सुगमता से होगा। संबंधित ग्राम रोजगार सहायक तथा उपयंत्री जब कार्य स्थल पर पहुँचेंगे तब वहाँ समय और तिथि संबंधी विवरण मोबाइल एप पर स्वतः ही दर्ज हो जायेगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि अमले ने कार्यस्थल पर जाकर ही मूल्यांकन किया है। इस प्रणाली से कार्यस्थल पर जाये बगैर मूल्यांकन करने की शिकायत पर भी अंकुश लगेगा। उक्त जानकारी मनरेगा के एमआईएस प्रभारी राजेश जंघेला नेे जनपद  पंचायत पनागर के सभाकक्ष में आयोजित मोबाईल माॅनीटिरिंग सिस्टम पर आयोजित प्रशिक्षण में दी।
 उन्होने प्रशिक्षण में शामिल हुए मनरेगा के सहायक यंत्री, उपयंत्री, कम्प्यूटर आपरेटरों, ग्राम पंचायतों के सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायकों को जानकारी देते हुए बताया कि मनरेगा की माॅनीटरिंग प्रणाली के लिये तैयार किये गये मोबाइल एप का परीक्षण सफलतापूर्वक किया जा चुका है। 
जिले में मनरेगा में ऑनलाइन भुगतान प्रणाली ई.एफ.एम.एस. के माध्यम से वर्ष 2014-15 से लागू है। वर्तमान में जिले में ग्राम पंचायत स्तर पर करीब 6 हजार रोजगारमूलक काम जारी है। अब मोबाइल एप के जरिये इन कार्यों पर मजदूरों द्वारा काम की मांग, कार्यस्थलों पर मजदूरों की उपस्थिति तथा कार्य की मूल्यांकन रिपोर्ट स्मार्ट डिवाइस के जरिये त्वरित प्राप्त होगी। मजदूरों की दैनिक उपस्थिति तथा कार्यों की मूल्यांकन की जीपीएस स्थिति और फोटोग्राप्स मोबाइल एप के जरिये तुरंत मिल जायेंगे। इसके साथ ही मजदूरों के आधार सीडिंग का काम भी स्मार्ट डिवाइस से किया जा रहा है। इससे विभिन्न जानकारी के संकलन में अब विलंब नहीं होगा और ऑफलाइन मोड में प्राप्त जानकारी भी इंटरनेट कनेक्टिविटी जोन पर आने पर स्वतः ही अपलोड हो जायेगी। 
ऑनलाइन भुगतान प्रणाली लागू होने से डाटा अपलोडिंग के लिये सुरक्षित माने गये एमपी स्वॉन नेटवर्क के साथ मोबाइल डिवाइस की सिम को कान्फीगर किया जायेगा। इससे मनरेगा डाटा सुरक्षित नेटवर्क के जरिये नरेगा सर्वर पर अपलोड किया जा सकेगा। इस अवसर पर जनपद पंचायत पनागर की एपीओं प्रणीता पटेल, लेखापाल विवेक नेमा मौजूद रहे।  
 आई.पी.पी.ई. के प्रशिक्षण का फोटों 






मोबाईल एप के प्रशिक्षण का फोटो


मीडिया अधिकारी जिला पंचायत जबलपुर


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