कार्यालय जिला पंचायत, जबलपुर
//समाचार//
प्रेरकों की गांवों को खुलें में शौच मुक्त बनाने में होगी महत्वपूर्ण भूमिका: कलेक्टर
नव नियुक्त प्रेरकों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण शुभारंभ
जबलपुर 15जून2016। गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाने में प्रेरकों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। गांवों में लोगों की मानसिकता में बदलाव लाने के लिए सुबह एवं शाम को कडी मेहनत करने की जरुरत है। जो प्रेरक ग्राम पंचायतों को शीघ्र अति शीघ्र खुले में शौच से मुक्त कराएगा उसे पुरुस्कृत किया जाएगा। उक्त विचार कलेक्टर महेशचंद्र चैाधरी ने आज महात्मा गांधी राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान में स्वच्छ भारत अभियान के तहत नव नियुक्त प्रेरकों के पांच दिवसीय प्रशिक्षण के शुभारंभ करते हुए व्यक्त किये।
इस अवसर पर संस्थान के संचालक संजय सराफ, राज्य स्तर से आये रिर्सास दल की निशा पारी, डा.यादवेन्द्र, जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीप्रकाश चतुर्वेदी, परियोजना अधिकारी जी.एस.तेकाम, डा.परवीन कुरैशी, कल्पना पाण्डेय, स्वच्छ भारत अभियान के जिला समन्वयक आशीष व्यौहार, परियोजना अधिकारी भूपेन्द्र मेहरा, जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक भीम सिंह डामोर, संस्थान के अधीक्षक ए.के अम्बर सहित जनपद पंचायत पनागर, कुण्डम एवं जनपद पंचायत सिहोरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मौजूद रहे।
कलेक्टर ने कहा कि प्रेरकों को गांव में कलेक्टर के प्रतिनिधि के रुप में काम करने को प्रेरित किया। गांव में सर्वप्रथम लोगों को अपने घर एवं घर के आस-पास साफ-सफाई का कार्य करने के लिए प्रेरित किया जाये। लोगों को खुले में शौच जाने से होने वाले दुष्प्रभावों को बताया जाये। चैपाल लगाकर लोगों को समझाया जाये।
श्री चैाधरी ने कहा कि प्रशिक्षण में सभी मुददों पर चर्चा की जाये। प्रेरक गांव में जाकर खुले में शौच करने वालों एवं जो शौचालय का उपयोग करते हैं सभी से चर्चा की जाये। ग्रामीणों की क्या समस्याये हैं उनको कैसे निराकरण किया जाये, इसकी कार्य योजना भी बनाई जाये। श्री चैाधरी ने कहा कि प्रेरको का कार्य हितग्राहियों के यहां शौचालयों का निर्माण कराना नहीं हैं बल्कि उन्हें खुलें में शौच से मुक्ति दिलाना है।
राज्य स्तर की रिसोर्स दल की प्रभारी निशा पारी ने एवं डा.यादवेन्द्र ने भी गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए पाॅवर प्रजेन्टेशन प्रस्तुत किया गया।
महात्मा गांधी राज्य ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज संस्थान के संचालक संजय शराफ ने कहा कि प्रेरक शब्द बडा महत्वपूर्ण है सभी उसके अनुरुप कार्य करना होगा। गावं के लोगो एवं गांव में परिवर्तन लाना ही आपकी जिम्मेदारी है।
जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीप्रकाश चतुर्वेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में 130 प्ररकों का चयन किया गया है। प्रेरकों की चयन की प्रक्रिया राज्य स्तर द्वारा गठित दल द्वारा की गई है। आज प्रशिक्षण में 115 प्रेरक शामिल हुए है। जिन्हें गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाने एवं लोगों की मानसिकता में परिवर्तन लाने कि लिए राज्य स्तर से आये प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षित किया जा रहा है।
मीडिया अधिकारी जिला पंचायत जबलपुर
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