पंचायत भवन बनने से काम करना हुआ आसान
ग्राम पंचायत से निकल रहे मस्टर रोल
समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की आॅन लाइन फीड की जा रही जानकारी
जबलपुर 2जून 2015। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना एवं पंच-परमेश्वर के अभिसरण से ग्राम पंचायत इन्द्राना जनपद पंचायत मझौली जिला जबलपुर में पंचायत भवन बनने से काम करना आसान हो गया है। ग्राम के नागरिकों को आसानीसे आॅन लाइन टेनों की जानकारी एवं जरुरत पडने पर रिजर्वेशन तक किया जाने लगा है। पंचायत भवन बनने से गांव के लोगों को ग्राम पंचायत में बैठने की सुविधा हो गयी है। मनरेगा योजना में मजदूरों की आॅनलाइन डिमांड एवं उनके मस्टर आसानी से निकाले जा रहे है, और समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की आॅन लाइन फीडिंग की जा रही है।
यहां के सरपंच मनोहर सिंह ठाकुर ने बताया कि ग्राम पंचायत में पंचायत भवन बनने से जनपद पंचायत कम आना जाना हो गया है। पहले प्रतिदिन जानकारी प्राप्त करने के लिए जनपद पंचायत आना जाना पडता था, लेकिन अब ऐसा नही है। जनपद पंचायत से ग्राम पंचायत में मेल के माध्यम से जानकारी का आदान प्रदान किया जा रहा है।
वार्ड क्रमांक 9 की पंच मंजू सोनकर जो स्नाातक हैं और नर्सिग का कोर्स भी कर चुकी है वह बताती हैं पंचायत भवन बनने से और उसमें कम्प्यूटर लगने से गांव के लागों के साथ-साथ मैं भी इसका लाभ ले रही हंू। उन्होनें बताया कि उन्हें अभी कम्प्यूटर तो नही आता हैं पर रोजगार सहायक से जांब के बारे में पता करती रहतीं हंू।
यहां की पूर्व सरपंच श्रीमती सरस्वती लोधी बताती हैं कि ग्राम पंचायत में पंचायत भवन तो था लेकिन वह टूटा फूटा एवं खपरेल था, जिसमें वारिश के समय पानी गिरता रहता था, पंचायत भवन में शासन से संबंधित जानकारी सरपंच या सचिव के घर पर ही रखना पडती थी। लेकिन अब ऐसा नही है। पंचायत भवन बनाने का प्रस्ताव ग्राम सभा द्वारा अनुमोदन किया गया हैं और जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत से स्वीकृति मिलने के बाद पंचायत भवन का कार्य मनरेगा एवं पंच-परमेश्वर योजना से प्रारंभ किया गया। मनरेगा एवं पंच-परमेश्वर योजना से एक तो ग्राम पंचायत भवन का निर्माण किया गया और गांव के लोगों को गांव में रोजगार उपलब्ध होने से उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है।
ग्राम पंचायत के सचिव ने बताया कि ग्राम पंचायत इन्द्राना में मनरेगा योजना एवं पंच-परमेश्वर योजना के कनवरजेन्श से 12.85 लाख रूपये की लागत से राजीव गांधी सेवा केन्द्र भवन स्वीकृत किया गया है,जिसमें 10.58लाख मनरेगा एवं 2 लाख रुपये पंच-परमेश्वर की राशि से पंचायत भवन पूर्ण हो चुका है। पंचायत भवन बनने से गांव के लागों को शासन की योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है।
यहां के रोजगार सहायक ने बताया कि ग्राम पंचायत में भवन बनने से काम करना आसान हो गया है। मनरेगा में मजदूरों की आंनलाइन डिमांड मस्टर जारी करना एवं उनकी वेजलिस्ट बनाने का कायर्, सहित अन्य योजनाओं की जानकारी जो ग्राम पंचायतों में संचालित की जा रही हैं उनकी जानकारी ई-मेल के माध्यम से तत्काल जनपद पंचायत प्रेषित की जा रही है। इसके अलावा गांव के पढे लिखे लोगों को भी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। लोगों के आधार कार्ड भी निकाल कर दिये जाते है समग्र सामाजिक्र सुरक्षा कार्यक्रम की जानकारी भी आनलाइन फीड की जा रही है।
नवीन पंचायत भवन बनने से ग्राम पंचायत में न केवल बैठक व्यवस्था सुदृढ हुई है बल्कि कार्पोरेट जगत जैसे व्यवस्था होने से ग्राम पंचायत पदस्थ कर्मचारियों एवं ग्राम वासियों को कार्य करने में अत्यंत सुविधा एवं समय पर कार्य करने की प्ररणा मिली है।
मध्यप्रदेश के मनरेगा नवाचारों को लागू करेगा राजस्थान
अपर मुख्य सचिव श्रीमती अरूणा शर्मा से राजस्थान के मनरेगा डायरेक्टर ने की मुलाकात
जबलपुर2 जून2015 । अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा विकास आयुक्त श्रीमती अरूणा शर्मा से कल यहां राजस्थान के मनरेगा डायरेक्टर श्री रोहित कुमार तथा साथ में आए वरिष्ठ अधिकारियों के दल ने मुलाकात की। उन्होेंने मध्यप्रदेष मेें मनरेगा अंतर्गत हुए नवाचारों के बारे में जानकारी हासिल की। श्रीमती शर्मा ने इस दौरान मध्यप्रदेश में मनरेगा में पारदर्षिता, कन्वर्जेंस, इलेक्ट्रॉनिक फण्ड मैनेजमेंट सिस्टम सहित विभिन्न नवाचारों के बारे में विस्तार से बताया।
श्रीमती शर्मा ने बताया कि मध्यप्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य हैं जहां 74 फीसदी परिसंपत्तियों का निर्माण हुआ है। प्रदेष में मनरेगा व अन्य योजनाओं के साथ कन्वर्जेंस से सीमेंट कांक्रीट सड़क, अनाज भण्डारण के लिये गोदाम निर्माण, पंचायत भवन, ग्रेवल सड़क, आंगनवाड़ी भवन, फलोद्यान आदि के काम कराये जा रहे हैं।
मध्यप्रदेेश में मनरेगा में मजदूरों को काम की मांग अनुसार रोजगार मुहैया कराने और मजदूरों के खाते में मजदूरी भुगतान तक की सारी प्रक्रियां ऑनलाईन संपन्न हो रही है। मनरेगा में रोजगार सप्ताह अंतर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत में कार्य प्रारंभ होने का दिन नियत किया गया है। इस कार्य प्रारंभ दिवस को रोजगार दिवस नाम दिया गया है तथा सप्ताह को रोजगार सप्ताह का नाम दिया गया है। रोजगार दिवस के दिन उस ग्राम पंचायत में तकनीकी अमला मौजूद रहता है जो पिछले सप्ताह के कार्यों का मूल्यांकन करता है और अगले सप्ताह के कामों के तकनीकी मार्गदर्षन प्रदान करता है।
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि मध्यप्रदेश में वर्तमान में 84 लाख जॉबकार्डधारी परिवार हैं। योजना प्रारंभ से प्रदेश में लगभग 179 करोड़ 64 लाख मानव दिवस सृजित हुये है। इनमें से 32 करोड़ 60 लाख अनुसूचित जाति, 73 करोड़ 95 लाख अनुसूचित जनजाति द्वारा मानव दिवस सृजित किये गये हैं। कुल सृजित मानव दिवसों में से 77 करोड़ 58 लाख मानव दिवस महिलाओं द्वारा सृजित किये गये हैं। प्रदेश में मनरेगा अंतर्गत 18 लाख से अधिक कार्य पूर्ण हो चुके हैं।
राजस्थान के मनरेगा डायरेक्टर श्री रोहित कुमार ने कहा कि उन्होंने म.प्र. के मनरेगा कार्यों का मैदानी स्तर पर अवलोकन किया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेष में अन्य कई राज्यों की तुलना में मनरेगा में बेहतर काम हुए है। म.प्र. में मनरेगा में हुये नवाचारों को राजस्थान में भी लागू किया जायेगा।
इससे पहले राजस्थान के इस दल ने मनरेगा परिषद के अधिकारियों से मुलाकात कर प्रदेष में मनरेगा क्रियान्वयन की बारियों को समझा एवं होशंगाबाद जिले में भ्रमण कर मौंके पर मनरेगा क्रियान्वयन निर्मित परिसंपत्तियों का अवलोकन किया।
मीडिया अधिकारी
जिला पंचायत जबलपुर
No comments:
Post a Comment