कार्यालय जिला पंचायत जबलपुर
//प्रेस विज्ञप्ति//
मनरेगा हुआ स्मार्ट
मोबाइल एप से होंगे काम आसान
जबलपुर 27 जुलाई 2015। महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोजगार गांरटी योजना मनरेगा की मॉनीटरिंग और जानकारी का आदान-प्रदान अब स्मार्ट मोबाइल डिवाइस से होगा। इससे प्रदेश में मनरेगा के क्रियान्वयन में पारदर्शिता के साथ जनपद, जिला और राज्य स्तर तक योजना की निगरानी में आसानी होगी। मोबाइल एप के जरिये मजदूरों की दैनिक उपस्थिति तथा रोजगारमूलक कार्यों का साप्ताहिक मूल्यांकन सुगमता से होगा। संबंधित ग्राम रोजगार सहायक तथा उपयंत्री जब कार्य स्थल पर पहुँचेंगे तब वहाँ समय और तिथि संबंधी विवरण मोबाइल एप पर स्वतः ही दर्ज हो जायेगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि अमले ने कार्यस्थल पर जाकर ही मूल्यांकन किया है। इस प्रणाली से कार्यस्थल पर जाये बगैर मूल्यांकन करने की शिकायत पर भी अंकुश लगेगा।
आयुक्त मनरेगा श्रीमती स्मिता भारद्वाज ने बताया कि मनरेगा की मानीटरिंग प्रणाली के लिये तैयार किये गये मोबाइल एप का परीक्षण सफलता से हो चुका है। इसके संबंध में ग्राम पंचायत से लेकर जिला स्तर तक के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। भोपाल में नीलबढ स्थित क्षेत्रीय प्रशिक्षण संस्थान में जिला और जनपद पंचायत स्तर के अधिकारियों के प्रशिक्षण की शुरूआत हो गई है। पंचायत राज संचालनालय द्वारा ऑनलाइन भुगतान प्रणाली के संबंध में प्रशिक्षण के साथ ही स्मार्ट मोबाइल डिवाइस और मोबाइल एप के जरिये मनरेगा में ऑनलाइन भुगतान का प्रशिक्षण साथण्साथ दिया जा रहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा में तैनात मैदानी अमले को मोबाइल डिवाइस खरीदने की मंजूरी पहले ही दी जा चुकी है।
प्रदेश में मनरेगा में ऑनलाइन भुगतान प्रणाली ई.एफ.एम.एस. वर्ष 2013-14 से लागू है। वर्तमान में राज्य में ग्राम पंचायत स्तर पर करीब 4 लाख रोजगारमूलक काम जारी है। अब मोबाइल एप के जरिये इन कार्यों पर मजदूरों द्वारा काम की मांगए कार्यण्स्थलों पर मजदूरों की उपस्थिति तथा कार्य की मूल्यांकन रिपोर्ट स्मार्ट डिवाइस के जरिये त्वरित प्राप्त होगी। मजदूरों की दैनिक उपस्थिति तथा कार्यों की मूल्यांकन की जीपीएस स्थिति और फोटोग्राप्स मोबाइल एप के जरिये तुरंत मिल जायेंगे। इसके साथ ही मजदूरों के आधार सीडिंग का काम भी स्मार्ट डिवाइस से किया जा रहा है। इससे विभिन्न जानकारी के संकलन में अब विलंब नहीं होगा और ऑफलाइन मोड में प्राप्त जानकारी भी इंटरनेट कनेक्टिविटी जोन पर आने पर स्वतः ही अपलोड हो जायेगी।
ऑनलाइन भुगतान प्रणाली लागू होने से डाटा अपलोडिंग के लिये सुरक्षित माने गये एमपी स्वॉन नेटवर्क के साथ मोबाइल डिवाइस की सिम को कान्फीगर किया जायेगा। इससे मनरेगा डाटा सुरक्षित नेटवर्क के जरिये नरेगा सर्वर पर अपलोड किया जा सकेगा।
रोजगार गारंटी योजना ने मर्दन के सपने किये पूरे
सफलता की कहानी
जबलपुर 27 जुलाई 2015ः- जबलपुर जिले के जनपद पंचायत कुण्डम की ग्राम पंचायत मडईकला के ग्राम कन्हेरी में मर्दन पिता श्री मूरत सिंह के खेत में कुए के साथ मेढ बंधान का कार्य होने से वह काफी खुश हैं। खेत में कुआ एवं खेत की मेंढ बंधान से एक तो उसकी असिंचित जमीन सिंचित होनेे से उसकी फसल की पैदावार बढ गई हैं। यह सब हुआ महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना की उपयोजना कपिलधारा एवं भूमिशिल्प से।
मर्दन सिंह शारीरिक रूप से दुर्बल तो था ही पर आर्थिक परिस्थितियांे से भी बहुत परेशान रहता था उसके पास एक हेक्टेयर से भी अधिक भूमि थी किन्तु वह बंजर के समान थी ।
मर्दन अपने गांव के बाहर जाकर दूसरों के खेतों में जाकर मजदूरी किया करता था। वह अपने खेतोे में खेती करना चाहता था, किन्तु करे कैसे। आर्थिक परिस्थितियांे के चलते उसके पास खेती को उपजाऊ व सिंचिंत बनाने के लिए कोई भी साधन नही था। हम भी दूसरों के खेतों में फसले देख-देखकर परेशान हुआ करते थे। हम भी सोचते थे कि हमारे खेत में भी कुअंा होता और हम भी अपने खेतों में फसल उगाते। उन्होने बताया कि रोजगार गारंटी योजना ने हमारी एवं हमारे गाव की जिन्दगी बदल दी है।
यहां की सरपंच श्रीमती गोमती बाई बताती है कि मर्दन सिंह की पहले स्थिति ठीक नहीं थी लेकिन रोजगार गारंटी योजना की कपिलधारा से जब से कूप निर्माण का कार्य किया गया है उसके खेतों में अच्छी फसल होने लगी है।
ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच नाहर सिंह बताते हैं कि मर्दन सिंह के खेत में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना की उपयोजना कपिलधारा से कुप निमार्ण और भूमिशिल्प योजना से मेढ बधान का कार्य किया गया हैं। कपिलधारा एवं मेढ बधांन के कार्य से मर्दन सिंह के खेत की पैदावार बढ गई है।
यहां के सचिव गेंद सिंह तेकाम ने बताया कि ग्राम पंचायत ने मर्दन सिंह के खेत में वर्ष 2010-11 में 1 लाख 33 हजार की लागत से कपिलधारा कूप एवं मेढ का कार्य प्रारंभ किया गया। कुप एवं मेढ बंधान के कार्य में मर्दन सिह के परिवार वालों के साथ-साथ गांव के लोगों ने भी कार्य किया हैं।
मर्दन सिंह को कपिलधारा कूप के साथ आदिवासी विकास विभाग की मदद से मोटर पंप भी उपलब्ध कराई गई है। अब कूप मेे पानी और फसल की सिचाई केे साधन होने से मर्दन अच्छी खेती करने लगा। उसके चहरे पर रोनकता चमकने लगी और उसका अर्थिक स्तर भी ऊॅचा उठ गया।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से एक ओर ग्रामीण क्षेत्रों में मर्दन जैसे कई लोगों के सपने पूरे करते हुए उनकी आर्थिक स्थिति में बदलाव आ रहा है वही अन्य ग्रामीणों को गांव में रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।
मीडिया अधिकारी
जिला पंचायत जबलपुर
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