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Friday, 24 July 2015

24-7-2015

कार्यालय,जिला पंचायत जबलपुर 
// प्रेस विज्ञप्ति //

वृक्षारोपण के कार्य में आमजन को जोडे: कमिश्नर 
 ‘‘ग्रीन इंडिया मिशन‘‘ के तहत बनेंगे नये बागान
संभाग स्तरीय कार्यशाला संपन्न

जबलपुर 24 जुलाई 2015- ग्रीन इण्डिया मिशन के तहत मनरेगा, वन विभाग,उद्यानिकी एवं रेशम विभाग के अभिसरण से किये जाने वाले वृक्षारोपण को आजीविका से जोडने के साथ-साथ आम-जन को भी जोडा जाये। पौधों की सुरक्षा की जिम्मेदारी महिलाओं को सौपी जाये। जो लोग इस क्षेत्र में काम कर रहे है उन लोगों को इस अभियान में अनिवार्य रुप से शामिल किया जाये। उक्त विचार आज कमिश्नर श्री दीपक खाण्डेकर ने विटरनरी कालेज के आटोरियम हाल में ग्रीन इण्डिया मिशन पर संभाग स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला में व्यक्त किये। 
उन्होनें कहा कि वृक्षारोपण की जानकारी देने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाये कि जो पौधे आज रोपे जा रहे हैं वह कल वृक्ष बनकर हम सब को शुध्द हवा प्रदान करेगे। ग्रीन इण्डिया मिशन के तहत फलदार पौधों के साथ-साथ महुआ एवं बांस के भी पौधों को रोपा जाये, क्योकि इन पौधों से लोगों को पांच साल से लाभ मिलना प्रारंभ हो जाता है। 
श्री खाण्डेकर ने कहा कि वृक्षारोपण की सफलता लगाये गये पौधों की जीविवता पर निर्भर करती है, इसलिए आवश्यक हैं वृक्षारोपण कार्य की सतत मानीटिरिग की जाये। ग्रीन इण्डिया मिशन के तहत देश के 30लाख परिवारों को आजीविका से जोडकर उनकी आय में वृध्दि करना है। उन्होने कहा कि ग्रीन इण्डिया मिशन के तहत रोपे जाने वाले पौधों की गुणवक्ता अच्छी हो, प्रत्येक ग्राम पंचायत में 10 हितग्राहियों का चयन देखकर किया जाये। उन्होने उद्यानिकी विभाग की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि फलोद्योन विकसित करने के लिए वैज्ञानिक तरीकों से हितग्राहियों एवं ग्रामीणों को अवगत कराया जाये। 
कलेक्टर श्री शिवनारायण रुपला ने ग्रीन इण्डिया मिशन के तहत विभिन्न विभागों के अभिसरण से होने वाले वृक्षारोपण को बहुआयामी बताया। उन्होने कहा कि मनरेगा योजना से लोगों को रोजगार एवं आजीविका से जोडेने का कार्य ,वन विभाग से ही हमारे यहां के जंगल सुरक्षित है,और उद्यानिकी विभाग से किसानों एवं ग्रामीणों को बागवानी का लाभ मिलेगा। 
श्री रुपला ने रेशम उत्पादन,बांस उत्पादन, वृक्ष विहीन पहाडियों का विकास एवं फलोद्यान योजना का लाभ ग्रामीण हितग्राहियों तक पहुंचे उनकी आय में बढोत्तरी हो और आजीविका के साधन विकसित हो यही शासन की मंशा है। उन्होने कहा कि फलोद्योन विकसित करने के आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों व पौध संरक्षण की नई नई तकनीकों को ग्राम पंचायतों एवं विभिन्न विभागों के मैदानी अमलों तक पहुचाने में यह कार्यशाला बहुत ही उपयोगी साबित होगी।
उद्यानिकी विभाग भोपाल के अपर संचालक एम.एल हिरवानी ने बताया कि इस योजना के तहत विभागों से समन्वय बनाकर कार्य करना एक बहुत बडी जिम्मेदारी है। लोगों को एक ही स्थान पर तीनों विभागों के अधिकारियों द्वारा मार्गदशन देकर रोपे गये पौधों को कैसे सुरक्षित रखने की जानकारी दी जाएगी, जिससे उनका पौधो को सुरक्षित करने की जिम्मेदारी बढेगी।
 उन्होने बताया कि उद्यानकी विभाग की कार्ययोजना तैयार की गई है जिसके तहत फल उत्पादन बढ़ाने का कार्य कराया जावेगा। नवीन बागानों की स्थापना क्षेत्र विस्तार में मनरेगा योजना से अभिसरण करते हुए सभी प्रकार के प्राक्कलन लागत पर सामग्री मद में कृषक अंश 25 प्रतिशत निर्धारित करते हुए कार्ययोजना का निर्माण किया गया है। शेष राशि का अभिसरण महात्मा गाॅधी नरेगा मद से किया जावेगा। मनरेगा में पात्र हितग्राहियांे को उनकी माॅग अनुसार 100 दिवस का रोजगार प्रदान करने के साथ उनकी निजी स्वामित्व वाली भूमि पर स्वरोजगार के अवसर प्रदान किये जाएगे।                      -2-
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  अधीक्षण यंत्री एम.के.जैन ने बताया कि मनरेगा के साप्टवेयर में ग्रीन इण्डिया के तहत किये जाने वाले कार्यो की जानकारी एवं उस कार्य में लगने वाली सामग्री को फीड करने के लिए प्रवधान किया गया है। योजना के तहत होने वाले कार्य का सबसे पहले डीपीआर फीड किया जाएगा। उन्होने बताया कि उप/सहायक संचालक उद्यान विभाग कार्य एजेन्सी होगे। कार्य एजेन्सी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत के माध्यम से मजदूरी व सामग्री भुगतान के अधिकार प्रदाय किये जावेगें।
 इलेक्ट्रानिक फण्ड मैनेजमेन्ट सिस्टम से राशि सीधे मजदूरों के खाते में व सामग्री प्रदाय कर्ता के खाते में राशि का स्थानांतरण किया जावेगा। कार्य एजेन्सी द्वारा स्वयं जाॅबकार्ड धारियों की माॅग अनुसार मेट/रोजगार सहायक के माध्यम से ई-मस्टर जारी किये जावेगे, मूल्यांकन उपरांत ई-एमबी पर दर्ज करते हुए भुगतान किया जावेगा। पृथक से भी प्रत्येक हितग्राहीवार रिकार्ड संधारण किया जावेगा। संभाग स्तरीय कार्यशाला में संभाग के सभी जिलो के अधिकारियों द्वारा अपने अपने जिले की कार्ययोजना पावर प्रजेन्टेसन के माध्यम से प्रस्तुत की गई।
ये रहे मौजूद- संभाग स्तरीय कार्यशाला में जिला पंचायत जबलपुर की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नेहा मारव्या, सिवनी के जे.समीर लकरा,मण्डला के डा.विजय, डिण्डौरी के कर्मवीर शर्मा, कटनी के के.डी.त्रिपाठी, उपायुक्त जे.के. जैन, मनरेगा परिषद भोपाल के कार्यपालन यंत्री जे. पी. श्रीवास्तव, सहायक यंत्री योगेश गिरी सहित संभाग के सभी जिलों के वन विभाग के अधिकारी, उद्यान विभाग के अधिकारी, कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के अधिकारी सभी जिला पंचायतों के मनरेगा के परियोजना अधिकारी, रेशम अधिकारी, सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सहायक यंत्री मौजूद रहे।




                                                                                    मीडिया अधिकारी
जिला पंचायत जबलपुर



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