सीईओं जिला पंचायत ने समय-सीमा बैठक में दिये निर्देश
जबलपुर-20 मई 2014। जिला पंचायत के सभी अधिकारी सप्ताह में तीन दिन अनिवार्य रुप से ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत चल रहे निर्माण कायों का निरीक्षण करे। निरीक्षण के दौरान आने वाली कमियों को अपने प्रतिवेदन में भी करे। लंबित प्रकरणों का समय -सीमा में निराकरण किया जाये। उक्त निर्देश आज जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शीलेन्द सिंह ने जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में दिये।
उन्हांेनें अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि अब आचार संहिता समाप्त हो चुकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में जो कार्य स्वीकृत हैं लेकिन वह प्रारंभ नहीं हो पाये थे उन कार्यो को तत्काल प्रारंभ कराये जाये। अभी किसानों के खेत खाली हैं किसानों के खेतों में मनरेगा की उपयोजना मेढ बधान के तहत मेढ बंधान के कार्य प्रारंभ किये जाये ताकि एक ओर गांव के लोगों को काम उपलब्ध होगा और किसानों की मेढ भी बंध जायगी जिससे उसकी फसल की पैदावार भी बढेगी।
श्री सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी योजनाओं के प्रभारी अधिकारी अपनी - अपनी योजनाओं की समीक्षा अपने स्तर पर करे,ताकि लंबित प्रकरणों को शीघ्र-अतिशीघ्र निराकरण किया जा सके।
उन्हांेने लेखाधिकारी श्रीमती मंगला निगम को निर्देशित करते हुए कहा कि वह तत्काल ग्राम पंचायतों में स्वीकृत आंगनवाडियों की जिले से राशि जारी कर आंगनबाडियों के कार्य प्रारंभ करायें। श्री सिंह ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिये किे वह फील्ड के दौरान जनपद कार्यालयों जाकर निमार्ण कार्यो की समीक्षा करे, ताकि निमार्ण कार्यो को समय पर पूर्ण किया जा सके।
समय -सीमा बैठक में जिला पंचायत की लेखाधिकारी श्रीमती मंगला निगम, वरिष्ट लेखाधिकारी कविता पटैल, परियोजना अर्थशास्त्री बवीता कौल, सहायक परियोजना अधिकारी सीमा पाठक, वर्षा जाट, सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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