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Tuesday, 20 June 2017

20-6-2017

कार्यालय, जिला पंचायत जबलपुर
तृतीय अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस आज 
सभी जनपद एवं ग्राम पंचायतों में होगें कार्यक्रम
जबलपुर 20जून 2017। जिला पंचायत के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी टी.एस. मरावी ने सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश जारी कर 21 जून बुधवार को प्रातः 7ः00 बजे से 8ः00 के मध्य सभी जनपद स्तर एवं सभी ग्राम पंचायतों में तृतीय अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सामूहिक योग के कार्यक्रम आयोजित किये जाये। सामूहिक कार्यक्रमों में ग्राम पंचायतों के सभी जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करते हुए सामूहिक योग के कार्यक्रम आयोजित किये जाये।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जहां योग के कार्यक्रम किये जाने है उन स्थानों की अच्छे से साफ-सफाई करा कर कार्यक्रम किये जाए।
पौधरक्षक के रुप में गांव के दो लोगों को मिलेगा स्थाई रोजगार
जबलपुर 20जून2017। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत जिले के प्रत्येक गांव में पौधारोपण करने के लिए दो-दो परियोजनाएं स्वीकृत की जा रही है। इन परियोजनाओं के माध्यम से हर गांव के दो-दो लोगों को पौधारोपण से स्थाई रोजगार मिलेगा। पौधों की सुरक्षा करने के लिए गांव के जिम्मेदार व्यक्तिों का पौधरक्षक के रुप में चयन कर को जिम्मेदारी सौपी जा रही है। वृक्षारोपण परियोजना के प्रारंभ से लेकर पूर्ण होने तक पौधरक्षक को गांव में ही रोजगार उपलब्ध होगा। परियोजना के पूर्ण होने पर रोपे गये पौधे बडे होकर पेड बन जाएगें। पेडों से होने वाली आय का पचास प्रतिशत हिस्सा पौधरक्षक को मिलेगा।
जिला पंचायत के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी टी.एस. मरावी ने बताया कि मनरेगा योजना के तहत जिले की 516 ग्राम पंचायतों के 1336 गांवों में दो-दो स्थानों पर वृक्षारोपण परियोजना के तहत पौधारोपण करने की कार्ययोजना बनाकर कार्य प्रारंभ किये जा रहे है। जिले के अधिकांश गांवों में वृक्षारोपण परियोजना की देखभाल करने के लिए पौधरक्षकों का चयन कर पौधों को रोपने के लिए गढढें खोदने जा रहे है जिन गांवों में पौधरक्षकों का चयन नही हो पाया हैं उनको पौधरक्षक चयन करने की कार्यवाही ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच, सचिव एवं रोजगार सहायकों के माध्यम से की जा रही है।
ग्राम में अथवा ग्राम के सार्वजनिक परिसरों जैसे-स्कूल, छात्रावास, सार्वजनिक भवन, मोक्षधाम, आदि में सफाई वे सुरक्षा के लिये अंशकालीन मानदेय पर कार्यरत जांबकार्डधारी उपलब्ध हो तो उसे पौधरक्षक बनाने में सर्वोच्च प्राथमिकता देना अनिवार्य होगा। पौधरक्षक संबंधित ग्राम का निवासी मनरेगा का जांबकार्डधारी होना चाहिए। पौधरक्षक के पास उसकी स्वयं की साईकल होना चाहिए ताकि साईकल पर वह डिब्बा या केन लगाकर सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था कर पौधों की सिंचाई कर सके। 
उन्होने बताया कि पौधरोपण के अगल अलग तीन प्रोजेक्ट हैं जिनकी लागत तीन लाख रुपये से पांच लाख पैतीस हजार रुपये तक है। पहला प्रोजेक्ट सडक के किनारे पौधारोपण करने का है। जिसमें सडक के किनारे एक किलोमीटर में 10 वाय 10 मीटर की दूरी पर 200 पौधे रोपने की लागत तीन लाख पैतीस हजार रुपये है। सडक के किनारे आम, इमली, जामुन, महुआ, नीम, करंज, मुनगा, अर्जुन, सप्तपर्णी, कैसिया, सामिया, गुलमोहर, पेल्टाफारम, चिरोल, अमलतास, पीपल, बरगद, एवं बांस आदि पौधे रोपे जाना प्रस्तावित है।दूसरा प्रोजेक्ट सामुदायिक स्थानों पर होने वाले पौधारोपण की लागत पांच लाख पैतीस  हजार रुपये हैं जिसमें 4वाय 4 मीटर की दूरी पर 625 पौधों को प्रति हेक्टेयर में रोपा जाना है। जिनमें आम, जामुन, नीम, आॅवला, नीबू, अमरुद, मीठीनीम, सीताफल, मुनगा, बेर, पीपल एवं बाॅस के पौधे रोपे जाएगे। तीसरे प्रोजेक्ट में सार्वजनिक परिसरों में जैसे-विद्यालयों छात्रावासों, खेल मैदानों एवं मोक्षधाम के परिसर के चारों ओर तीन लाख पैतीस हजार रुपये की लागत से 200 पौधा का रोपण किया जाएगा। पौधारोपण 4वाय 4 मीटर की दूरी पर उपलब्ध स्थान के अनुसार लगाये जाएगे। पौधों की सुरक्षा हेतु सीपीटी खुदाई एवं बाउंड्रीवाल नहीं होने की स्थिति में कंटीली झाडी, बांस के ट्रीगार्ड, कंटीले तार से की जावेगी। 
                                         मीडिया अधिकारी जिला पंचायत जबलपुर

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