आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में गरीबी रेखा के कार्ड बनाने लगाये जाये शिविर
जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष ने श्रीमती मनोरमा पटेल ने दिये निर्देश
जबलपुर 27 नवम्बर 2015। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में रहने वाले परिवारों के गरीबी रेखा के कार्ड बनाये जाने के लिए शिविरों का आयोजन किया जाये। शिविरों की तिथियां की जानकारी ग्रामीणों को एक सप्ताह पूर्व दी जाये, ताकि वह उस दिन शिविर में उपस्थित हो सके। धान खरीदी केन्द्रों में जब-तक किसानों की धान की खरीदी प्रारंभ नहीं होती तब-तक ग्रामीणों एवं किसानों से बिजली के बिलों की वसूली पर रोक लगाई जाये। बिना कनेक्शन ग्रामीणों के आ रहे बिलों की जांच कराई जाये। उक्त निर्देश जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमति मनोरमा पटेल ने आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित सामान्य सभा की बैठक में दिये।
बैठक में जिला पंचायत के उपाध्यक्ष मांगी लाल मरावी, पाटन विधायक नीलेश अवस्थी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नेहा मारव्या, सदस्यों में नन्हे लाल धुर्वे, रामकृष्ण पटेल, श्री खिल्लू, शारदा यादव, उमाशंकर तिवारी, विजय कांति पटेल, जमुना सिंह, श्वेता सिंह, वंदना पटेल, रीता बाई, उर्मिला दाहिया, तारा बाई परस्ते, छोटी बाई कुंजाम, निर्मला पटेल, जनपद पंचायत जबलपुर, मझौली और कुण्डम की अध्यक्ष मौजूद रही वहीं अधिकारियों में जिला पचायत के अति. मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीप्रकाश चतुर्वेदी, परियोजना अधिकारी जीएस तेकाम, प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक योजना के महाप्रबंधक पवन कुमार जैन, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री जीपी कोरी, जीएस खटीक, जिला शिक्षा अधिकारी सतीश अग्रवाल सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमति मनोरमा पटेल ने जनपद पंचायत पनागर में स्वकराधान, पंचपरमेश्वर योजना में किये गये कार्यो की शीघ्र अतिशीघ्र जांच कर जांच प्रतिवेदन शीघ्र सदन में प्रस्तुत करने हेतु ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री जीएस खटीक को दिये।
उन्होने कृषि विभाग एवं धान खरीदी की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी किसानों को खाद एवं बीज उपलब्ध कराया जाये। जिले में बनाये गये सभी धान खरीदी केन्द्रों में धान की खरीदी प्रारंभ कराई जाये। जिला पंचायत सदस्य वंदना पटेल द्वारा सिहोरा के बेला में बनाये गये धान खरीदी केन्द्र को पुनः चालू करने की बात कही जिसपर सदन ने कलेक्टर की ओर धान खरीदी केन्द्र को पुनः प्रारंभ करने हेतु पत्र के माध्यम से सूचित करने का निर्णय लिया गया। कृषि विभाग के उपसंचालक ने बताया कि जिले में खाद एवं बीज की कोई कमी नहीं है, समितियों के माध्यम से किसानों को खाद एवं बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला पचंायत सदस्य निर्मला पटेल ने बताया कि जनपद पंचायत पाटन की बोरिया एवं उडना में खाद की कमी है इन केन्द्रों में शीघ्र खाद मुहैया कराया जाये।
पाटन विधानसभा क्षेत्र के विधायक नीलेश अवस्थी, श्री खिल्लू, विजयकांति पटेल, रामकृष्ण पटेल, उमाशंकर तिवारी, शारदा यादव, श्वेता सिंह, वंदना पटेल आदि ने विद्युत विभाग द्वारा ग्रामीणों से की जा रही बिजली के बिलों की वसूली का मुद्दा उठाया जिस पर सदन में चर्चा की गई और सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत की कटौती न की जाये जिन ग्रामों में ट्रांसफार्मर जले या खराब हो चुके है उन्हें एक सप्ताह में अनिवार्य रूप से बदला जाये। जिला पंचायत की बैठक में विभाग के जिला स्तर के अधिकारी मुख्य अभियंता को अनिवार्य रूप से उपस्थित हो। यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित करते हुए शासन को शीघ्र अतिशीघ्र प्रेषित किया जाये।
जिला पंचायत सदस्य श्रीमति विजयकांति पटेल ने जिले में पशु चिकित्सालयों की सूची एवं उनमें पदस्थ पशु चिकित्सकों के नाम एवं उनके मोबाईल नं. उपलब्ध कराने की बात कही जिस पर जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया गया कि बनाये गये पशु चिकित्सा केन्द्रों का वह भी निरीक्षण करें। उन्होने जिले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाये जा रहे शौचालयों की जांच कराने की बात कही जिस पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमति नेहा मारव्या ने शीघ्र-अतिशीघ्र जांच कराने के लिए अति. मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देश दिये।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमति मनोरमा पटेल ने एन.बी.डी.ए. द्वारा बरगी एवं चरगवंा क्षेत्र में किसानों को नहर का पानी उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई कार्य योजना प्रस्तुत की गई जिस पर चर्चा के दौरान सभी सदस्यो द्वारा सुझाव दिये गये और दिये गये सुझावों के अनुरूप नहरों पर पुनः निरीक्षण करने के बाद कार्य योजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।
बैठक में जिला पंचायत सदस्य नन्हे लाल धुर्वे द्वारा जनपद पंचायत कुण्डम की मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं जिला मत्स्य अधिकारी द्वारा जनपद पंचायत कुण्डम के तालाबों के पट्टों का नियमों के विरूद्ध वितरण करने जांच कराने की बात कही। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा उक्त मामले की शीघ-अतिशीघ्र जांच कराकर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करने की बात कही।
बैठक में मनरेगा की उपयोजना पशुधन संवर्धन उपयोजना की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान जिला पंचायत की अध्यक्ष ने उपयोजना की जानकारी सभी सदस्यों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। परियोजना अधिकारी जीएस तेकाम ने बताया कि मनरेगा की पशुधन उपयोजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत द्वारा 70-80 हजार रूपये के पशुओं को बांधने के लिए पशु शेड बनाये जा रहे है, इसमें 60-40 का अनुपात संधारित करना अनिवार्य होता है।
जिला पंचायत की
जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमति नेहा मारव्या ने जिला पंचायत के सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वह गांव को खुले में शौच से मुक्ति दिलाने में ग्रामीणों को समझाईश दें ताकि गांव को स्वच्छ बनाया जा सके।
मीडिया अधिकारी
जिला पंचायत जबलपुर
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