खेल मैदान से उभर रही है गांव की प्रतिभांए
जबलपुर 1 दिसम्बर 2014। कौन कहता है कि गांव में प्रतिभाए नही होती। अगर गांव के बच्चों को सही समय पर सही मार्गदर्शन व खेलने-कूदने के लिए खैल मैदान उपलब्ध कराये जावे तो हर गांव से सचिन तेन्दुलकर, महेन्द्र सिंह धोनी युवराज सिंह, सानिया मिर्चा, सानिया नेहवाल, व महेश भूपति, सरदार सिंह, शिवेन्द्र सिंह, अर्जुन पिल्ले, राजेन्द्र सिंह चैहान, जैसे खिलाडी उभर कर सामने आयेगंे।
हम बात कर रहे है जनपद पंचायत पनागर की ग्राम पंचायत तिंदनी के ग्राम कशी की जहाॅ मनरेगा की उपयोजना खेल मैदान से 4.10 लाख की लागत से खेल मैदान तैयार किया गया है। यहाॅ पर प्रतिदिन सुबह-शाम छात्र क्रिकेट व फुटबाल, हांकी, कबडडी, खो-खो, खेलते है तो छात्राएॅ स्कूल की छुट्टी में टेनिस खेलती है।
कक्षा 8 में पढने वाले रवि यादव का कहना है कि वह अपने दोस्तो के साथ आकर प्रतिदिन ग्राउण्ड में क्रिकेट खेलते है। इसी प्रकार कक्षा 7 की छात्रा प्रियंका कहती है कि वह अपनी सहेलियों के साथ टेनिस खेलती है, और बडे होकर सानिया मिर्जा व सानिया नेहवाल जैसी बनना चाहती है।
यहाॅ के सरपंच जौहरी पाल बताते है गांव में खेल मैदान बन जाने से एक तो गांव के बच्चे प्रतिदिन सुबह शाम गाउण्ड में खेलते है और अब उसी मैदान में गांव में कभी कभार होने वाले धार्मिक आयोजन भी किये जाते है। उन्होनें बताया कि ग्राउण्ड अच्छा है यहाॅ पर अब वह स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही है। इस खेल मैदान में ग्राम पंचायत मझगवां, पडरिया, और ग्राम पंचायत निपनिया के बच्चे प्रति सप्ताह क्रिकेट खेलते है। खेल मैदान के साथ-साथ यहां वाउण्डी वाल भी बनाई गई है।
ग्राम पंचायत के सचिव सरला यादव ने बताया कि मनरेगा की उपयोजना खेल मैदान 4.10 लाख की लागत से खेल मैदान तैयार किया गया है। उन्होने बताया कि खेल मैदान बन जाने से गांव का युवा वर्ग का अधिक से अधिक समय खेल मैदान में ही व्यतीत होता है। मनरेगा योजना के तहत तैयार किये गये खेल मैदान में 160 जाॅबकार्डधारी परिवारों को काम दिलाया गया है। इस कार्य पर 315462 रुपये मजदूरी एवं 94538 रुपये सामग्री पर व्यय किये गये है। खेल मैदान बच्चों के शारीरिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है। मनरेगा योजना से एक ओर गांव का समग्र विकास किया जा रहा है वही गांव की प्रतिभाएं उभारने में भी यह पूर्ण भूमिका अदा कर रही है।
शासकीय माध्यमिक शाला कशी के प्राधानाध्यापक श्री महेन्द ने बताया कि गांव में खेल मैदान बन जाने से स्कूल में पढने वाले छात्र-छात्राएं का शारीरिक व मानसिक विकास बढ रहा है। बच्चे खेलने कूदने से स्वास्थ्य रहते है। आने वाले समय में खेल मैदान में अलग अलग स्कूलों की प्रतियोंगिताएं की जाएगी।
उल्लेखनीय है मनरेगा की उपयोजना खेल मैदान से एक ओर ग्रामीण ़क्षेत्रों में गामीणों को रोजगार प्राप्त हो रहा है वहीं गांव के बच्चों में छुपी हुई खेल की प्रतिभा बाहर आ रही है।


मीडिया अधिकारी
जिला पंचायत
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