कार्यालय जिला पंचायत जबलपुर
//प्रेस विज्ञप्ति//
मतदाता जागरुकता अभियान के लगेगे शिविर
जबलपुर 11अक्टूबर 2014:- मतदाता जागरुकता अभियान के जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अलग अलग तिथियों में शिविरों का आयोजन किया जाएगा। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नोडल अधिकारी सेन्स नेहा मारव्या ने बताया कि जिलें में मतदाता जागरुकता अभियान से संबंधित अक्टूवर एवं नवम्वर माह में 15 शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होने जिले के अधिकारियों को निर्देश दिये कि मतदाता जागरुकता अभियान के तहत 13 अक्टूबर से पोस्ट आफिस पनागर से शिविरोे का शुभारंभ किया जा रहा है।ं उसके अलावा में 15 13 अक्टूबर को आई.सी.एम.आर. जबलपुर, 17 अक्टूबर को शासकीय इंजीनियरिंग काॅलेज जबलपुर, 19 अक्टूबर को स्वशासी माॅडल साइंस कालेज जबलपुर, 21अक्टूबर को माहनदास हरगोविन्द दास महिला महाविद्यालय जबलपुर, 23 अक्टूबर को शासकीय महाविद्यालय पाटन, 25 अक्टूबर को माॅनकुवरबाई कन्या महाविद्यालय जबलपुर, 27 अक्टूबर को नगर पचायत परिसर मझौली, 28 अक्टूबर का स्टेट बैंक/लीड बैंक शहपुरा, 30 अक्टूबर को जनपद पंचायत कुण्डम, 1नवम्बर को मध्यप्रदेश विद्युत मंडल शक्ति भवन परिसर जबलपुर, 3 नवम्बर को जनपद पंचायत सिहोरा, 5 नवम्बर को जनपद पंचायत मझौली, 7 नवम्बर को जनपद पंचायत शहपुरा, और 10 नवम्बर को जनपद पंचायत पनागर में शिविर का आयोजन किया जाएगा।
जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नोडल अधिकारी सेन्स नेहा मारव्या ने जिले के सभी अधिकारियों को निर्देश दिये है कि संबंघित तिथियों में आयोजित होने वाले मतदाता जागरुकता शिविरों में संबंधित क्षेत्र का बीएलओ, जोनल अधिकारी, तहसीलदार,एवं संस्था या विभाग के प्रमुख अनिवार्य रुप से शिविरों में मौजूद रहेगें।
कपिलधारा से समाज में मिला सम्मान
सफलता की कहानी
जबलपुर 11अक्टूबर 2014: ग्राम पंचायत महगवां के राम सजीवन पिता राम अवतार अब खुश है, हो क्यों ना। अपने खेत में मनरेगा की कपिलधारा योजना के तहत कूप जो खुद गया है, और उसमें भी पानी भरपूर मात्रा में है। राम सजीवन अपने खेतों में लहलहाती फसल को देखकर फूला नहीं समा रहा है। उसका वरसों से जा सपना देखता आ रहा था वह पूरा जो हो गया है। वह जितनी मेहनत दूसरों के खेतों में करता था अब उसी मेहनत के अपने खेतों में फसल उगा रहा है। खेत में कूप हाने की वजह से राम सजीवन को समाज में भी सम्मान मिलने लगा है।
राम सजीवन बताता है कि हमार खेत में वर्ष 2012-13 में 2 लाख 39 हजार की लागत से स्वीकृत किया गया था जो देखते ही देखते पूरा हो गया। कूप के कार्य में हमारे अलावा माता-पिता एवं गावं के लोगों द्वारा भी काम किया गया है।
उन्होनें बताया कि कूप उसके खेतों में पानी की कमी के कारण फसल की पैदावार कम होती थी और परिवार का भरण-पोषण करने के लिए दूसरों के खेतों में काम करना पडता था। परिवार में माता-पिता के अलावा मेरे एक भाई और एक बहन भी है, अब मेरी शादी भी हो चुकी हैं दूसरों के खेतों में मुझे काम करना बिल्कुल भी अच्छा नही लगता था लेकिन परिवार चलाना के के लिए काम करना पडता था।
अपने खेत में पहलें पानी के भरोसे ही फसल उगाते थे, पानी गिर गया तो फसल की पैदावार अच्छी हो जाती थी लेकिन पानी नहीं गिरा तो बीज भी निकलना मुश्किल होता था या कहे एक क्विंटल बीज में 8 क्विंटल 10 क्विंटल फसल की पैदावर हो जाती थी जो मुश्किल से 8-से 10 माह के खाने के लिए होती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है जब से महात्मा गांधी राष्टीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना आई है हम जैसे छोटे-छोटे लोगों के यहां साल भर के खाने पीने के साथ-साथ फसल को बाजार एवं मण्डी में भी बेचने लगे है जिसका शासन द्वारा तय किये गये प्रति क्विंटल की कीमत से पैसे मिल जाते है। खेत में कूप होने से हमारी समाज में भी पूछ-परख होने लगी है।
अब हम एक फसल की जगह दो-दो फसले उगा रहे हैं क्योंकि अब फसल को सूखने की चिंता नहीं है। अब हम अपने खेतों से हर साल एक क्विंटल बीज में 18 क्विंटल 20 क्विंटल फसल की पैदावार कर रहे है। कपिलधारा कूप होने से हम सालाना लगभग सत्तर हजार से अस्सी हजार रुपये लाभ कमा रहे है। सच कहू तो इस योजना गांव के सभी लोगों का विकास हो रहा है।
मीडिया अधिकारी
जिला पंचायत जबलपुर
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