//कार्यालय जिला पंचायत जबलपुर//
दादा-दादी ने संगोष्ठी में बताया स्वच्छता महत्व
जबलपुर 01 अक्टूबर 2016। स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छता पखवाडे में आज से ग्रामीण क्षेत्रों में दादा-दादी, पोता-पोती संगोष्ठियों के आयोजन से कार्यक्रम शुरू हो गये है, जो आगामी 15 अक्टूबर तक चलेगें।
संगोष्ठियों के माध्यम से दादा-दादी ने पोता-पोतियों को घर एवं घर के आस-पास साफ-सफाई से रहने की सलाह दी। उन्होने अपने पोता-पोतियों को खुले में शौच से होने वाली विभिन्न प्रकार की बीमारियों के संबंध में भी अवगत कराया। बुजुर्गो ने संगोष्ठियों के माध्यम से पोता-पोतियों को खुले में शौच न करने की शपथ भी दिलाई।
संगोष्ठियों में जिन हितग्राहियों द्वारा शौचालय बनाकर उपयोग करने की जानकारी दी उन्हें प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया और जिन्होने अभी शौचालय नही ंबनाया है उन्हें शौचालय बनाने के लिए आमंत्रण पत्र भी दिया गया जिससे वह स्वयं एक सप्ताह में शौचालयों का निर्माण कर सके।
चनगवां एवं रानीताल होगी खुले से शौच मुक्त - जिला पंचायत में स्वच्छ भारत अभियान की प्रभारी बबीता कोल ने आज जनपद पंचायत मझौली की ग्राम पंचायत चनगवां एवं रानीताल में आयोजित दादा-दादी, पोता-पोती संगोष्ठी में शामिल हुई और ग्रामीणों को खुले में शौच मुक्त ग्राम पंचायत होने पर बधाई दी।
संगोष्ठी में दादा-दादी को तिलक लगाकर और शौचालय उपयोग करने के लिए प्रशंसा पत्र भी दिये गये। आंगनवाडी में महिलाओं को स्वच्छता की जानकारी देते हुए महिलाओं को फूल देकर स्वागत किया गया।
संगोष्ठी में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी हुए शामिल - जनपद पंचायत जबलपुर की ग्राम पंचायत घुन्सौर में आयोजित दादा-दादी, पोता-पोती संगोष्ठी में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व जबलपुर निमिषा जायसवाल एवं जनपद पंचायत जबलपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मनोज सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए। संगोष्ठी में दादा-दादियों को साल व श्रीफल से सम्मानित किया गया और अपने पोता पोतियों को शौच के लिए शौचालय के उपयोग करने की सलाह दी गई।
सिहोदा में बताया स्वच्छता का महत्व - जनपद पंचायत शहपुरा की ग्राम पंचायत सिहोदा में स्वच्छता पखवाडे में आयोजित दादा-दादी, पोता-पोती संगोष्ठी में स्वच्छता का महत्व बताया गया ।
आज गौरव यात्राएं निकलेगी - स्वच्छता पखवाडे के दूसरे दिन ग्रामीणों को गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए गौरव यात्राएं निकालकर प्रेरित किया जाएगा।
आज घोषित होगी खुले में शौच मुक्त पंचायत - राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्म दिन पर अक्टूबर से प्रारंभ हो रही ग्राम सभाओं में जिले की 8 ग्राम पंचायतों को खुले में शोच मुक्त घोषित किया जाएगा।
खुले में शौच मुक्त होने वाली ग्राम पंचायतों में जनपद पंचायत जबलपुर की ग्राम पंचायत बंदरकोला, तिघरा, जनपद पंचायत मझौली की ग्राम पंचायत चनगवां एवं रानीताल, जनपद पंचायत कुण्डम की ग्राम पंचायत झिरिया और जनपद पंचायत शहपुरा की ग्राम पंचायत सिहोदा एवं बिलखरवा शामिल है।
मीडिया अधिकारी जिला पंचायत जबलपुर
आज से चरणबद्ध तिथियों में होगी ग्राम सभाएं
गरीब मुक्त ग्राम पंचायत की अवधारणा तथा रणनीति पर होगी चर्चा
जबलपुर 01 अक्टूबर 2016- पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 6 के अनुसार 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर प्रत्येक ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाना है।
इस संबंध में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमति हर्षिका सिंह ने समस्त जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को शासन के निर्देशानुसार चरणबद्ध तिथियों में ग्राम सभाओं का आयोजन कराने के निर्देश दिये हैं।
उन्होने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि 2 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक चरणबद्व तिथियों में आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं के लिए नियुक्त किये गये सभी नोडल अधिकारी अनिवार्य रूप से ग्राम सभाओं में उपस्थित होकर ग्राम सभा की संपूर्ण कार्यवाही विवरण अपनी उपस्थिति में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। ग्रामों में ग्राम सभाओं के दौरान 1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर 2016 तक स्वच्छता पखवाडे के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाये। जिनमें खुले में शौचमुक्त घोषित करने की रणनीति पर चर्चा तथा ओडीएफ हेतु अवधि का निर्धारण किया जायेगा, जो ग्राम पंचायत खुले में शौचमुक्त हो चुके हैं उनको कचडा मुक्त-कीचड मुक्त ग्राम के रूप में विकसित करने के लिये रणनीति तैयार की जायेगी। ग्राम सफाई तथा ठोस एवं तरण प्रबंधन सूचकांक के संबंध में चर्चा की जावेगी। 2 अक्टूबर को आयोजित ग्राम सभाओं के साथ नल जल योजना वाले ग्रामों में ‘‘नल से जल-आज और कल‘‘ ग्राम सभाओं का आयोजन किये जाने का निर्णय लिया गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना अन्तर्गत प्रारंभिक कार्यवाही एवं रणनीति से ग्राम वासियों को अवगत कराया जावेगा। वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 की हितग्राही सूची का पुनः पढकर सुनाने, क्रियान्वयन में लगने वाले संसाधनों की उपलब्धता ग्राम में ही सुनिश्चित करनै के उपायों पर चर्चा करने के निर्देश हैं। ग्राम पंचायत विकास योजना के तहत संबंधित ग्राम की ग्राम पंचायत विकास योजना का वाचन कर अद्यतन प्रगति से अवगत कराने तथा लिये जाने वाले आगामी कार्य से भी अवगत कराया जायेगा। यदि पूर्व में तैयार ग्राम पंचायत विकास योजना में राज्य प्राथमिकता के यह कार्य सम्मिलित नहीं हैं तो इस ग्राम सभा में अनुमोदन प्राप्त कर इन कार्यों को प्राथमिकता से सम्मिलित किया जायेगा। ग्रामों में समस्त अनुसूचित जाति , जनजाति की बस्तियों में सीमेंट क्रांक्रीट एवं नाली निर्माण कार्य, प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक खेल मैदान निर्माण, प्रत्येक ग्राम पंचायत में शांतिधाम, ग्राम पंचायत भवन निर्माण कार्य एवं प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक तालाब का निर्माण एवं जीर्णोद्वार कार्यं होना अनिवार्य है।
निर्देशित किया गया है कि ग्राम पंचायत विकास योजना पर चर्चो के समय मनरेगा अंतर्गत वर्ष 2017-18 के लिये लेबर बजट का निर्माण किया जाए, यह आंकलन किया जाए कि वित्तीय वर्ष में कितने मानव दिवस का सृजन आवश्यक होगा। प्रमुखतः अनूसूचित जाति तथा जन जाति परिवारों को हितग्राही मूलक कार्यों में लक्षित किया जावे। यह भी निर्धारित किया जावे कि किन निर्माण कार्यों का चयन किया जा रहा है एवं प्राथमिकता क्रम क्या रहेगा। योजना बनाना, अनुश्रवण एवं सामाजिक अंकेक्षण में सहभागिता सुनिश्चित करें। उक्त प्राथमिकताओं के साथ ही मनरेगा से जल संवर्धन, खेत तालाब, नाडेप एवं वर्मी कम्पोस्ट आदि कार्यों को लेने पर विचार करने के निेर्देश दिये गये हैं।
ग्राम सभा में होगा समितियों का गठन - मनरेगा योजना के तहत सामाजिक अंकेक्षण के लिए सामाजिक संपरीक्षा समितियों का गठन किया जाये। समितियों में 5 से 9 सदस्यों को शामिल कियाजाये जिनमें वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक कार्य करने वाले परिवार की एक एक महिला एवं पुरूषों को शामिल किया जाना अनिवार्य होगा।
गरीब मुक्त ग्राम पंचायत- ग्राम सभा में ग्राम के नागरिकों तथा परिवारों की आर्थिक स्थिति का विशलेषण कर गरीब मुक्त ग्राम पंचायत की अवधारणा तथा रणनीति पर चर्चा एवं इसके प्रभावी क्रियान्वयन की कार्यवाही करने, इसके तहत कार्यरत सक्रिय स्वसहायता समूहों की सफलता को प्रदर्शित किया जावे तथा नये समूह गठन को प्रोत्साहन किया करने के निर्देश हैं। कौशन उन्नयन हेतु प्रशिक्षण, आजिविका हेतु बैंक से लिंकेज एवं समस्त सामाजिक सहायता कार्यक्रमों के हितग्राहियों का चिन्हांकन किया जावे। ग्राम सभा में पूर्व से लाभ प्राप्त कर रहे हितग्राहियों द्वारा अपने बैंक खाते से आहरण की कठिनाइयों पर चर्चा की जावेगीं।
सुपोषण- शासन द्वारा जारी दिशा निर्देश में कहा गया है कि ग्राम के सभी बालाक-बालिकाओं का सुपोषण होना ग्राम सभा का सर्वोच्च संकल्प होना चाहिए।
स्वकराधान तथा प्रोत्साहन- ग्राम सभा द्वारा अधिरोपित किये जाने वाले अनिवार्य तथा ऐच्छिक करों का करारोपण तथा कर भुगतान हेतु प्रेरित कराने एवं 14 वें वित्त आयोग अंतर्गत प्राप्त होने वाले कार्य निष्पादन अनुदान की नीति का वाचन ग्राम सभा में कर यह बताया जावे कि कर भुगतान के आधार पर किस प्रकार ग्राम के विकास हेतु अतिरिक्त राशि उपलब्ध होगी।
नोडल अधिकारी की व्यवस्था- जिले में ग्राम सभाओं के आयोजन की विस्तृत रणनीति मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन में तैयार की जावेगी। प्रत्येक ग्राम सभा के आयोजन के लिये नोडल अधिकारी नियुक्त की जावेगी। नोडल अधिकारी ग्राम सभाओं के आयोजन के लिये उत्तरदायी होंगें। जिला स्तर से नोडल अधिकारियों को संक्षिप्त प्रशिक्षण देने के निेर्देश हैं।
रिपोर्टिग- ग्राम सभाओं के आयोजन उपरांत उपस्थित नागरिकों तथा की गई कार्यवाही को पंचायत दर्पण पोर्टल पर उपलब्ध प्रावधानों में अनिवार्यतः दर्ज करने के निर्देश है। ग्राम सभा आयोजन के आवश्यक फोटोग्राफ भी लिये जावें तथा उपलब्ध साधनों से आवश्यक विडियो ग्राफी भी की जावे। फोटो एंव वीडियो को पंचायत दर्पण पोर्टल पर अपलोड किया जाना अनिवार्य होगा।
मीडिया अधिकारी जिला पंचायत जबलपुर