कार्यालय जिला पंचायत जबलपुर
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सुश्री मारव्या ने किया पदभार ग्रहण
जबलपुर 29 सितम्बर 2014। जिला पंचायत जबलपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर पदस्थ की गई सुश्री नेहा मारव्या ने आज अपना पदभार ग्रहण कर लिया हैं। सुश्री नेहा मारव्या 2011 बैच की आई.ए.एस. अधिकारी है। वह जिले में अनुविभागीय अधिकारी जबलपुर के पद पर 7 अप्रैल 2014 से अब तक पदस्थ रही। इसके पूर्व वे भोपाल जिले में बैरसिया में अनुविभागीय अधिकारी के पद पर पदस्थ थी।
ग्रामीणों की सहभागिता से तैयार हो रही गांव की कार्ययोजना
सामाजिक अंकेक्षण संचालक देवरी बसनिया पहुंचे
जबलपुर 29 सितम्बर 2014। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2015-16 की कार्य योजना में ग्रामीणों की सहभागिता से लेबर बजट बनाने एवं गांव की प्रस्तावित कार्ययोजना तैयार करने में गांव के लागों की मदद से बनाई जा रही है। गांव के विकास की बनाई गई कार्ययोजना 2 अक्टूवर 2014 से प्रारंभ होनें वाली ग्राम सभाओं से अनुमादित की जाएगी। गांव के लागों की सहभागिता से तैयार की जा रही कार्ययोजना का अवलोकन करने एवं ग्रामीणों को मार्गदर्शन देने के लिए सामाजिक अंकेक्षण के संचालक डा. अभय पाण्डेय जनपद पंचायत जबलपुर की ग्राम पंचायत देवरी बसनिया एवं बंदरकोला में पहुंचकर ग्रामीणों की सहभागिता से लेबर बजट बनाने एवं गांव की प्रस्तावित कार्ययोजना तैयार करने में गांव के लागों की मदद की।
सामाजिक अंकेक्षण के संचालक डा. अभय पाण्डेय ने बताया कि मनरेगा योजना के तहत आगामी वित्तीय वर्ष 2015-16 की कार्ययोजना गांव में जाकर बनाई जा रही है। गांव में भ्रमण के दौरान गांव की टीम के सदस्य ग्रामीणों के साथ पैदल भ्रमण करते हुये गांव में मौजूदा सामाजिक स्थिति एवं संसाधनों के संबंध में जानकारी ली गई। गांव वालों को एकत्र कर चर्चा की गई, गांव वालों की मदद से गांव की सामाजिक व संसाधन नक्शा तैयार किया गया। सामाजिक व संसाधन मानचित्र में घरों, संस्थाओं सडक, नलकूप, नाले, तालाब, पडत भूमि, खेत, सबसे गरीब परिवार इत्यादि को नक्शा में चिन्हांकित किया गया।
गांव वालों से पूछा गया कि सबसे गरीब परिवार कौन है, कितने परिवार हंै जो भूमिहीन है गांव से संबंधि अन्य महत्पूर्ण जानकारी पूछकर गांव की आवश्यकताओं एवं प्राथमिकाताओं का निर्धारण करते हुये लेबर बजट एवं कार्ययोजना तैयार की गई। सबसे गरीब परिवारों एवं भूमिहीन परिवारों के घर जाकर आवश्यक सर्वे का कार्य किया गया। मौसमी मानचित्र के माध्यम से यह पता लगाया गया कि 12 महीनों में प्रत्येक माह कितने दिन लोगों को काम की जरूरत है, आंकलन कर मौसमी मानचित्र के माध्यम से यह तय किया गया कि प्रत्येक माह जरूरत मंदों को कितने दिनों का रोजगार देना है। इस दौरान ग्रामीण महिला पुरूषों ने बढ.चढ कर हिस्सा लिया।
मीडिया अधिकारी
जिला पंचायत जबलपुर
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