कार्यालय जिला पंचायत जबलपुर
//प्रेस विज्ञप्ति//
सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की प्रशिक्षण में दी जानकारी
जबलपुर 26 अगस्त 2015: सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत आम लोगों द्वारा चाही गई जानकारी समय पर उपलब्ध करावें। जानकारी देने के लिए आवेदकों को भटकाये नही। उन्हें अधिनियम की सही जानकारी दे। कार्यालय से संबंधित जानकारी न होने पर आवेदक द्वारा प्रस्तुत किये गये आवेदन को लोक सूचना अधिकारी संबंधित कार्यालय में समय-सीमा में अन्तरण किया जाये। उक्त विचार जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नेहा मारव्या ने जिला पंचायत के सभाकक्ष में सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 क्षमता संवर्धन परियोजना पर आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण में व्यक्त किये। प्रशिक्षण में लाईन विभागों के अधिकारी, जिला पंचायत के सभी शाखाओं के शाखा प्रभारी एवं जनपद पंचायतों मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं सभी जनपद पंचायतों के लोक सूचना अधिकारी विशेष रुप से उपस्थित थें।
उन्होने बताया कि सूचना के अधिकार के तहत किसी भी शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा किये जा रहें कार्यो एवं उसकी योग्यता से संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है। उन्होेंने कहा कि अधिकारी कर्मचारी जो भी कार्य करें, वह नियमों के अनुरुप करें ताकि सूचना के अधिकार के तहत जानकारी उपलब्ध कराने में कठिनाई न हो। अधिकारियों द्वारा आवेदक को समय पर जानकारी नहीं देने, गलत एवं भ्रामक जानकारी देने पर दण्ड के स्वरुप में अधिकारियों के वेतन से 250 रुपये प्रतिदिवस एवं अधिकतम 25000/रुपये तक की राशि वसूल की जा सकती है।
जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीप्रकाश चतुर्वेदी ने बताया कि सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत आवेदक किसी भी इलेक्टानिक रुप से संधारित आकडों संबंधी, अभिलेख, दस्तावेज, ज्ञापन ,ई-मेल,मत, सलाह, प्रेस विज्ञप्ति, परिपत्र,आदेश, लाॅगबुक, संविदा रिर्पाट, कागज पत्र, नमूने, माडल एवं किसी प्रायवेट, निकाय से संबंधित सूचनाएं प्राप्त कर सकता है।
श्री चतुर्वेदी ने बताया कि कहा कि यदि आवेदक द्वारा जानकारी ग्राम पंचायत की चाही गई है और उसने आवेदन जिला पंचायत कार्यालय में जमा किया गया है तो जिला पंचायत के लोक सूचना अधिकारी को आवेदक के आवेदन को पांच दिवस में अनिवार्य रुप से संलग्न करते हुये ग्राम पंचायत के लोक सूचना अधिकारी तक पहुॅचने और आवेदक को इसकी जानकारी देने के लिए लिखित में भी सूचना जारी की जायें ताकि वह चाही गई जानकारी ग्राम पंचायत में जाकर प्राप्त कर सकें।
सूचना के अधिकार अधिनियम के मास्टर टेनर्स एवं जनपद पंचायत जबलपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मनोज सिंह ने बताया कि सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को निःशुल्क जानकारी समय पर उपलब्ध करायें, यदि आवेदक को समय पर चाही गई जानकारी उपलबध नही कराई जाती है तो 30 दिनों के भीतर विभाग प्रमुख के पास अपील की जा सकती है। उन्होने बताया कि यदि आवेदन अशिक्षित हैं और वह सूचना के अधिकार के तहत जानकाराी प्राप्त करना चाहता हैं तो लोक सूचना अधिकारी द्वारा संबंधिक आवेदक का आवेदन भरकर चाही गई जानकारी आवेदक को 30 दिनों में उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
प्रशिक्षण में मास्टर टेनर्स एवं वाटरशेड के तकनीकी विशेषज्ञ राजेन्द सिंह चैहान ने सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के बारे में जानकारी देते हुये बताया कि आवेदक को सूचना लेने के लिए आवेदन लोक सूचना अधिकारी के नाम से देना होगा। आवेदन के साथ निर्धारित 10 रुपये का स्टॅाम्प पेपर या 10 रुपये नगद जमा कर और कार्यालय से इसकी रसीद भी प्राप्त करें और जानकारी प्राप्त की जास सकती है। उन्होनें बताया कि आवेदक द्वारा क्या जानकारी चाही गई है उसका स्पष्ट विवरण देना आवश्यक होगा। आवेदन पत्र पर आवेदक का स्थाई पता देना अनिवार्य होगा ताकि चाही गई जानकारी समय सीमा में आवेदक तक पहुॅचाई जा सकंे।
जिला पंचायत के लोक सूचना अधिकारी ऋषिराज चढार ने सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की धाराओं की जानकारी दी।
प्रशिक्षण में जिला पचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीप्रकाश चतुर्वेदी, जिला पंचायत के परियोजना अधिकारी जी.एस.तेकाम,आशीष व्यौहार डा.परवीन कुरैशी,कल्पना पाण्डेय, लेखाधिकारी अमित मरावी, वरिष्ठ लेखाधिकारी कविता पटैल, सहायक परियोजना अधिकारी सीमा पाठक ,वर्षा जाट,सहित जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, एवं सहायक लोक सूचना अधिकारी उपस्थित थें।
रोजगार की सूचना देकर सुनिश्चित करायें रोजगार की गाॅरंटी-श्री रघुराज राजेन्द्रन
ग्राम रोजगार सहायक देगें जांबकार्डधारियों को रोजगार की सूचना
जबलपुर 26 अगस्त 2015। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अन्तर्गत ग्राम पंचायतों में कार्यरत ग्राम रोजगार सहायक अब रोजगार की गारंटी सुनिश्चित कराने के लिए गांव में जाॅबकार्डधारियों परिवारों को रोजगार की सूचना उपलब्ध कराये। उक्त निर्देश आयुक्त मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद् श्री रघुराज राजेन्द्रन ने आयोजित वीडियों काॅन्फ्रेसिंग में दिए।
उन्होंने सभी जिलों के जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि महात्मा गाॅधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना ग्रामीणों को रोजगार की गारंटी देती है। सभी ग्राम पंचायतों ग्राम रोजगार सहायक अपनी-अपनी ग्राम पंचायत में 05 सामुदायिक कार्य तथा 25 हितग्राही मूलक कार्य जो तकनीकी तथा प्रशासकीय स्वीकृति युक्त तैयार हैं,उन कार्यों की सूचना अपने क्षेत्र के जाॅबकार्डधारी परिवारों को उपलब्ध कराये और ग्रामीणों को काम उपलब्ध कराये।सूचना की तामील कराकर पावती भी संधारित करेगंे।
श्री रघुराज ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद पंचायत के अरिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी यह सुनिश्चित करेगंे की ग्राम पंचायत में रोजगार की सूचना सबंधितों को अनिवार्य रूप से प्रदाय की जावे। योजना अंतर्गत एफटीओ जारी करने में किसी भी तरह की अनावश्यक विलंब नहीं किया जाए। जनपद स्तर से समय पर एफटीओ जारी किये जाएं ताकि संबंधित श्रमिकांे को समय पर राशि प्राप्त हो तथा योजना के प्रति जुड़ाव बना रहे। कराये जा रहे कार्यो में प्राथमिकता के साथ पुराने प्रगतिरत कार्यो को कराये जाने के लिए कार्याे में 04 सप्ताह के मस्टर जारी किये जाए। मस्टर जारी करना रोजगार की उपलब्धता तथा कार्यों की पूर्णता का आधार है।
उन्होने कहा कि विभिन्न योजना अंन्तर्गत कराये जा रहे कार्यांे में महात्मा गाॅधी नरेगा से अभिसरण किया जाये। मनरेगा से अभिसरण कर मजदूरी का भुगतान कराये जाने से योजना में रोजगार की उपलब्धता तथा मजदूरी तथा सामग्री पर 60ः40 का अनुपात भी बेहतर होगा।
श्री रघुराज कहा कि स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत कराये जा रहे शौचालय निर्माण में मजदूरी का भुगतान मनरेगा से किये जाने अभिनव प्रयास किया जा सकता है। जिले की तकनीकी टीम हैन्गआउट साॅॅफ्ट वेयर के सबंध में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करंे, ताकी माॅनीटरिंग सिस्टम को और अधिक बेहतर बनाया जा सके। आवश्यक्तानुसार सबंधित फैबलेट अवश्य ले। रोजगार सहायकों के वेतन प्रस्ताव समय पर भेजे जाएं।
उन्होनें अधिकारियों को निर्देश दिये कि लाईफ प्राजेक्ट मनरेगा में वित्तीय वर्ष 2014-15 में 100 दिवस का कार्य पूर्ण कर चुके परिवारों का अपेक्षित डाटा फीडिंग पूर्ण की जाए। कराई जा रही फीडिंग प्रपत्र वास्तविकता के साथ क्षेत्र के जाॅबकार्डधारी की मंशानुसार हो। ताकि उनको आवश्यक कौशल प्रशिक्षण आदि देने की आगामी कार्यवाही की जावे। लंम्बित आश्वासनों का समय पर निराकरण किया जाए। सीएम हेल्प लाइन व अन्य प्राप्त शिकायतों का समय पर निराकरण करें। वीडियों कान्फेस में जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीप्रकाश चतुर्वेदी, परियोजना अधिकारी जी.एस. तेकाम, सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
मीडिया अधिकारी
जिला पंचायत जबलपुर
No comments:
Post a Comment