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Friday, 21 August 2015

21-8-2015

 कार्यालय जिला पंचायत जबलपुर
//प्रेस विज्ञप्ति//
पंच-परमेश्वर योजना से बदल रही है गांवों की तस्वीर
 जिले में 3475 सी.सी.रोड के कार्य हुए पूर्ण
जबलपुर 21अगस्त 2015। घर और घर के आसपास सभी जगह साफ-सफाई हो,घर के निस्तार वाले पानी को निकलने के लिए नालियां हों और गांव में आने जाने के लिए रास्ता साफ-सुथरा व कीचड़ मुक्त हो। यह सपना शहर व गांव में रहने वाले सभी लोग देखा करते हैं। गांव वालों के यह सपने सच भी हो रहे है पंच परमेश्वर योजना एवं मनरेगा के संयुक्त कन्वर्जेंशन से। 
गांवों की तस्वीर बदलने शासन ने वर्ष 2011-12 में पंच-परमेश्वर योजना प्रारंभ की थी। गांवों में अधोसरंचना विकास के लिए पंच-परमेश्वर योजना एवं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना मद के अभिसरण से जिले के सभी गांवों में वृहत स्तर पर सीमेंन्ट कांक्रीट की सडको का निर्माण कार्य पूर्ण किये जा चुके है। गांव की छोटी-छोटी गलियों में आवागमन सुनिश्चित करने एवं रास्तों को कीचड मुक्त बनाने के लिए सीसी रोड बनाये गये है। सीसी रोड के किनारे नालिया भी बनाई गई हैं ताकि नालियों के माध्यम से गंदे पानी की निकासी होे सके। पंचायतों को अधोसरचना विकास मद के लिए पंच-परमेश्वर योजनान्र्तगत गांवों की जनसंख्या के आधार पर उपलब्ध करायी गई राशि से गांवों में पक्की सीसी सडकों का निर्माण कराया जा रहा है।
जिलें में योजना प्रारंभ से अभी तक10553.59 लाख रुपये व्यय कर 3475 सीमेन्ट कांक्रीट का निर्माण कार्य पूर्ण होने से बरसात के इस मौसम में ग्रामीणों को कीचड से मुक्ति मिल गई है। सीसी रोड बन जाने से इन मार्गो में अब आवागमन सुगम हो गया है। इससे पहले जिन सडको में बरसात के मौसम में कीचड और गंदगी के चलते आवागमन में ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पडता था, गंदगी और बदबू के कारण कई संक्रमित बीमारियों का डर सताया करता था, बरसात में पानी की गांवों में समुचित निकासी नहीें होने के कारण निचले क्षेत्रों में पानी भर जाता था अब इन मार्गो में सीसी रोड बन जाने से गावों की तस्वीर बदल गई है। गांव अब पहले की तुलना में ज्यादा स्वच्छ और सुन्दर दिखने लगे है। गांवों में पक्की सडके बनने से ग्रामीणेां को बल मिला हैं बरसात के मौसम में भी बच्चें आसानी से स्कूल आ जा रहे है।  
पंच-परमेश्वर एवं मनरेगा योजना के अभिसरण से जिले में योजना प्रारंभ से अभी तक 3799 कार्य स्वीकृत कर प्रारंभ किये गये है जिनमें से 3475 कार्य पूर्ण हो चुके है। जनपद पंचायत जबलपुर में 570 कार्य प्रारंभ कर 533 कार्य पूर्ण किये जा चके है। इसी प्रकार जनपद पंचायत पनागर में 488 कार्य प्रारंभ कर 458 कार्य पूर्ण, कुण्डम में 441 कार्य प्रारंभ कर 347 कार्य पूर्ण, पाटन में 539 प्रांरभ कर 499 कार्य पूर्ण ,शहपुरा 570 कार्य प्रारंभ कर 529 पूर्ण, सिहोरा में 465 कार्य प्रारंभ कर 428 कार्य पूर्ण और जनपद पंचायत माझौली में 726 कार्य प्रारंभ कर 680 कार्य पूर्ण होने से इन गांवों में कीचड से मुक्ति मिल गई है।        

मोबाइल एप से होंगे काम आसान
प्रशिक्षण में दी जानकारी
जबलपुर 21अगस्त 2015। महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोजगार गांरटी योजना मनरेगा की मॉनीटरिंग और जानकारी का आदान-प्रदान अब स्मार्ट मोबाइल डिवाइस से होगा। इससे प्रदेश में मनरेगा के क्रियान्वयन में पारदर्शिता के साथ जनपद, जिला और राज्य स्तर तक योजना की निगरानी में आसानी होगी। मोबाइल एप के जरिये मजदूरों की दैनिक उपस्थिति तथा रोजगार मूलक कार्यों का साप्ताहिक मूल्यांकन सुगमता से होगा। संबंधित ग्राम रोजगार सहायक तथा उपयंत्री जब कार्य स्थल पर पहुँचेंगे तब वहाँ समय और तिथि संबंधी विवरण मोबाइल एप पर स्वतः ही दर्ज हो जायेगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि अमले ने कार्यस्थल पर जाकर ही मूल्यांकन किया है। इस प्रणाली से कार्यस्थल पर जाये बगैर मूल्यांकन करने की शिकायत पर भी अंकुश लगेगा। उक्त जानकारी मनरेगा के परियोजना अधिकारी जी.एस.तेकाम ने जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित मोबाईल माॅनीटिरिंग सिस्टम पर आयोजित प्रशिक्षण में दी।
 उन्होने प्रशिक्षण में शामिल हुए मनरेगा के एपीओ, उपयंत्री एवं कम्प्यूटर आपरेटरों को जानकारी देते हुए बताया कि मनरेगा की माॅनीटरिंग प्रणाली के लिये तैयार किये गये मोबाइल एप का परीक्षण सफलतापूर्वक किया जा चुका है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा में तैनात मैदानी अमले को मोबाइल डिवाइस खरीदने की मंजूरी पहले ही दी जा चुकी है।
जिले में मनरेगा में ऑनलाइन भुगतान प्रणाली ईण्एफण्एमण्एसण् वर्ष 2014-15 से लागू है। वर्तमान में जिले में ग्राम पंचायत स्तर पर करीब 5 हजार रोजगारमूलक काम जारी है। अब मोबाइल एप के जरिये इन कार्यों पर मजदूरों द्वारा काम की मांग, कार्यस्थलों पर मजदूरों की उपस्थिति तथा कार्य की मूल्यांकन रिपोर्ट स्मार्ट डिवाइस के जरिये त्वरित प्राप्त होगी। मजदूरों की दैनिक उपस्थिति तथा कार्यों की मूल्यांकन की जीपीएस स्थिति और फोटोग्राप्स मोबाइल एप के जरिये तुरंत मिल जायेंगे। इसके साथ ही मजदूरों के आधार सीडिंग का काम भी स्मार्ट डिवाइस से किया जा रहा है। इससे विभिन्न जानकारी के संकलन में अब विलंब नहीं होगा और ऑफलाइन मोड में प्राप्त जानकारी भी इंटरनेट कनेक्टिविटी जोन पर आने पर स्वतः ही अपलोड हो जायेगी। 
ऑनलाइन भुगतान प्रणाली लागू होने से डाटा अपलोडिंग के लिये सुरक्षित माने गये एमपी स्वॉन नेटवर्क के साथ मोबाइल डिवाइस की सिम को कान्फीगर किया जायेगा। इससे मनरेगा डाटा सुरक्षित नेटवर्क के जरिये नरेगा सर्वर पर अपलोड किया जा सकेगा। प्रशिक्षण में जिले के एम.आई.एस. प्रभारी राजेश जंघेला लेखापाल अमित द्विवेदी, संतोष नामदेव, सभी जनपद पंचायतों एपीओ, उपयंत्री एवं कम्प्यूटर आपरेटर मौजूद रहे। 


मीडिया अधिकारी 
जिला पंचायत जबलपुर

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