कार्यालय जिला पंचायत जबलपुर
//प्रेस विज्ञप्ति//
सी.ई.ओ. जिला पंचायत ने किया प्राथमिक शाला का निरीक्षण
शाला में मिली कई अनियमित्ताएं
जबलपुर 18 अगस्त 2015ः- जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नेहा मारव्या ने आज जनपद पंचायत जबलपुर की प्राथमिक शाला गाडरघाट का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजी, मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम की पंजी का अवलोकन किया तो कई अनियमित्ताएं पायी गयी शाला में पाई गई अनियमित्ताओं एवं शाला के शिक्षक गोविंद विसेन की जिला शिक्षा अधिकारी एवं सर्व शिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम समन्वयक को विभागीय जाॅच करने के निर्देश दिये। वही संकुल प्राचार्य धनपुरी श्रीमति सरोज कोष्टा बी.आर.सी. मुकेश श्रीवास्तव, क्षेत्र के जनशिक्षक एवं शाला के शिक्षक बंसत लाल झारिया को कारण बताओं सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिये।
एक ही शिक्षक आते है स्कूल - निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि शाला में दो शिक्षक पदस्थ है जबकि एक ही शिक्षक बसंत लाल झारिया आते है। दूसरे शिक्षक गोविंद विसेन पिछले दो साल से शाला में नही आ रहें है जिससे शाला में अध्ययनरत छात्र-छात्राओ का शैक्षणिक स्तर कमजोर हो रहा है।
श्रीमति मारव्या ने शाला के प्रभारी बसंत लाल झारिया को निर्देशित करते हुये कहा कि एक शिक्षक लगातार दो साल से अनुपस्थित है उसकी सूचना आपने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को नही देना भी गंभीर लापरवाही है। शाला में दर्ज छात्र-छात्राओं की उपस्थिति के अनुसार स्व सहायता समूह द्वारा खाना बनाया जाता है जबकि शाला में छात्र-छात्राओं की प्रतिदिन अलग अलग उपस्थिति रहती है।
स्व सहायता समूह को कारण बताओ सूचना पत्र- प्राथमिक शाला गाडरघाट में नर्मदा स्व सहायता समूह द्वारा मध्यान्ह भोजन बनाया जाता है जिसकी गुणवत्ता संतोषजनक नही है इसके अलावा शासन द्वारा प्रतिदिन निर्धारित किये गये मिनू के अनुसार खाना नही बनाया जाता है। उन्होनंे स्व सहायता समूह को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करते हुये समूह को पृथक करने के निर्देश दिये ।
छात्र-छात्राओं को नही आते सवाल - उन्होनें निरीक्षण के दौरान कक्षा दो के छात्र-छात्राओं से जोड घटाने के साधारण सवाल किये जिनके उत्तर छात्रों द्वारा नही दिये गये। शिक्षा के कमजोर स्तर पर उन्होने शिक्षक केा कारण बताओं सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिये।
प्रत्येक ग्राम पंचायत में बनाये शौचालय
समय सीमा बैठक में सी.ई.ओ. जिला पंचायत ने दिये निर्देश
जबलपुर 18 अगस्त 2015ः- स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत जिले की सभी ग्राम पंचायतों में प्रत्येक माह में 15-15 शौचालयों का निर्माण किया जाये। शौचालय निर्माण के कार्य का भुगतान मूल्यांकन के बाद आर.टी.जी.एस. के माध्यम से किया जायें।
मनरेगा में प्रत्येक ग्राम ंपचायत में मस्टर रोल जारी किये जाये पुराने कार्यो को पूर्ण कराने के लिए अभियान चलाया जायें। पंच परमेश्वर योजना में जो कार्य पूर्ण हो चुके है उनके शत- प्रतिशत पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किये जाये । उक्त निर्देश जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमति नेहा मारव्या ने आज जिला पंचायत के सभा कक्ष में आयोजित समय सीमा एवं समीक्षा बैठक में दिये।
हितग्राही मूलक योजनाओं के लक्ष्य करे पूरे - श्रीमति मारव्या ने हितग्राही मूलक योजनाओं की समीक्षा करते हुये मुख्य मंत्री आवास योजना मुख्य मंत्री स्वरोजगार योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बैंकों में अधिक से अधिक प्रकरण प्रेषित किये जाये और प्रकरण को स्वीकृत कराते हुये हितग्राहियों के खाते में राशि जमा करायी जायें।
वैठक में जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीप्रकाश चतुर्वेदी, सामाजिक न्याय विभाग की संयुक्त संचालक राजश्री राय, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री जी.पी.कोरी, जिला पंचायत के परियोजना अधिकारी जी.एस.तेकाम, डाॅ. परवीन कुरैशी, कल्पना पाण्डे सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहें।
बीमा की समीक्षा - श्रीमति नेहा मारव्या ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, जीवन सुरक्षा योजना एवं अटल पेंशन येाजना के तहत बैंकवार, शाखावार एवं जनपदवार समीक्षा की। समीक्षा के दौरान भारतीय स्टेट बैंक की शाखा चैरई द्वारा इन योजनाओं में अरुचि एवं सहयोग नही करने पर संस्थागत वित्त एवं शासन को पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिये।
महिलाओं के लगेगंेे शिविर - उन्होनें बैंकर्स एवं सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, जीवन सुरक्षा योजना एवं अटल पेंशन येाजना के तहत जनपद पंचायतो ंमें रक्षा बंधन के पूर्व महिलाओं का बीमा कराने एवं फिक्स डिपाजिट (एफ.डी.) कराने के लिए शिविरों का आयोजन किया जायें। इस अवसर पर एलडीएम डी.के.जैन,बैको के अधिकारी एवं सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मौजूद रहे।
विन्ध्यावैली प्रोजेक्ट अंतर्गत स्व-सहायता समूहों/ग्रामोद्योग इकाईयों को अपने उत्पदों के विपणन हेतु जुड़ने का सुनहरा अवसर
जबलपुर 18 अगस्त 2015 मध्यप्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा संचालित प्रोजेक्ट विन्ध्यावैली के माध्यम से स्व-सहायता समूहों तथा ग्रामोद्योग इकाईयों के F.M.C.G उत्पादों का बाजार में प्रभावी रूप से विपणन किया जाता है। ताकि उन्हें नियमित रोजगार उपलब्ध हो सके। प्रोजेक्ट से जुड़ने पर उत्पादकों का माल व्यापारिक दृष्टिकोण से आर्कषक पैकेजिंग, गुणवत्ता, मानकीकरण और उचित दाम के आधार पर तैयार कर बाजार में विक्रय हेतु उपलब्ध कराया जाता है।
जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नेहा मारव्या ने बताया कि जिलें के ऐसे स्व-सहायता समूह/पंजीकृत ग्रामोद्योग इकाईयों जो F.M.C.G. (Fast Moving Consumer Goods) वस्तुयें जैसे आटा, बेसन, हल्दी, मिर्ची, धनियां, गरम मसाले, पापड, अचार, अगरबत्ती एवं पीने का पानी आदि का उत्पादन करती है। वे विन्ध्यावैली प्रोजेक्ट से जुडकर अपनी उत्पाद विक्रय कर सकती है।
उन्होने बताया कि इस संबंध में विस्तृत जानकारी विभागीय बेवसाईट www.mpcottageandreralindustries.com से प्राप्त करें। अथवा जिले में पदस्थ उपसंचालक/प्रबंधक (खादी ग्रामोद्योग) जिला पंचायत जबलपुर से अथवा मुख्यालय स्तर पर महाप्रबंधक, विन्ध्यावैली म.प्र. खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, 74 अरेरा हिल्स केन्द्रीय विद्यालय के पास भोपाल से सीधे अथवा दूरभाष/मोबाईल नम्बर 0755-2552721, 7869601413, 7869601420 या ईमेल vindhyaballey@gmail.com के माध्यम से संपर्क करें।
meeting photo
मीडिया अधिकारी
जिला पंचायत जबलपुर

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