सेवा निवृत्त होने पर दी भावभीनी विदाई
जबलपुर31 जुलाई2017। सामाजिक न्याय विभाग के संयुक्त संचालक टी.एस.मरावी को आज शासकीय कार्य से सेवा निवृत्त होने पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती हर्षिका सिंह ने भावभीनी विदाई देते हुए उन्हें स्वास्थ्य एवं दीर्घ जीवन की शुभकामनाएं दी।
जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती सिंह ने जिला पंचायत एवं सामाजिक न्याय विभाग की ओर श्री मरावी को सेवा निवृत्त होने पर शाल, श्रीफल एवं आम का पौधा देकर विदाई दी।
श्री मरावी ने सामाजिक न्याय विभाग में 37 वर्ष से अधिक विभिन्न पदों का दायित्व का निर्वाहन किया है।
शुभकामनाऐं देने वालों में सामाजिक न्याय विभाग के नोडल अधिकारी डा.राम नरेश पटेल, जिला पंचायत के परियोजना अधिकारी पदीप उपासे,कल्पना पाण्डेय, रुपा शुक्ला, डा.परवीन कुरेशी, लेखाधिकारी अमित मरावी, वरिष्ट लेखाधिकारी कविता पटेल, लेखाधिकारी आरती वानखेडे, डी.पी.सी. आर.पी.चतंर्वेदी, वाटरशेड के तकनीकी विशेषज्ञ राजकुमार पटेल, राजेन्द्र सिंह चैहान,सामाजिक न्याय विभाग के आर.के. दीक्षित,आर.के.जैन, जनपद पंचायत पाटन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीप्रकाश चतुर्वेदी, ओमकार सिंह ठाकुर, स्टोर प्रभारी सुनील आनंद, ओ.पी.रजक, रेशम विभाग के फील्ड अधिकारी डी.पी.तुरकर, हथकरघा के संयुक्त संचालक विजय धुर्वे,सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।
खेल मैदान बनने से जागी खेलों में रुचि
प्रत्येक रविवार को होता हैं क्रिकेट मैच
जबलपुर 31 जुलाई2017। ’’पढोगे लिखोगे बनोगे नवाव-खेलोगे कूदोगे बनोगे खराब’’लेकिन अब ऐसा नही है। गांव की प्रतिभाओं को अवसर मिले तो वह भी अपनी प्रतिभा की दम पर अपना नाम रोशन कर सकते है। यह कहना है जबलपुर जिले के जनपद पंचायत मझौली के अन्तर्गत आने वाली ग्राम पंचायत दिनारी खम्हरिया के कक्षा11 में पढने वाले छात्र हरिनारायण, रामकिशन, बद्री, अशोक, प्रदीप, नरेन्द्र, रुपसिंह, कृष्ण शुक्ला, सोमनाथ शुक्ला का। इन्होंने बताया कि गांव के खेल मैदान में हम लोग प्रतिदिन क्रिकेट खेलते है। यहाॅ हर रविवार को क्रिकेट मैंच खेला जाता है। यहाॅ का ग्राउण्ड अच्छा होने की वजह से सिहोरा के छात्र भी हमसे क्रिकेट के मैच खेलने आतें है। पहले यहाॅ खेल मैदान न होने के कारण हम सब यहां से 10 कि.मी. दूर सिहोरा के ग्राउण्ड में क्रिकेट खेलने जाया करते थें। लेकिन अब ऐसा नही है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना की उपयोजना खेल मैदान से 13लाख 85 हजार की लागत से खेल मैदान का निर्माण कराया गया।
यहाॅ की सरपंच श्रीमती नेहा शुक्ला ने बताया कि गांव में खेल मैदान नही होने की वजह से गांव के बच्चें खेल नही पाते थे, जिससे गांव में खेल लगभग समाप्त हो चुके थे। लेकिन भला हो मनरेगा की उपयोजना खेल मैदान का जिसने गांव में न सिर्फ खेल मैदान बना बल्कि गांव बच्चों ने पुनः खेल खेलने की इच्छा जाग उठी है। उन्होनें बताया कि गांव से खेल प्रतिभाएं लुप्त होती जा रही थी। इन प्रतिभाओं को उतारने के लिए खेल मैदान योजना वरदान साबित हों रही है।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दिनारी खमरिया के शिक्षक वसीम अंसारी वैसे तो विज्ञान विषय पढाते है लेकिन वह खेल शिक्षक की भी जिम्मेदारी निभा रहे है। उनके द्वारा छात्र-छात्राओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित किया जाता है। उन्होने बताया कि वर्तमान में सबसे ज्यादा बच्चें क्रिकेट खेलना चाहते हैं लेकिन खेल मैदान नहीं होने के कारण पहले उन्हे मायूसी होती थी लेकिन अब ऐसा नही है। खेल मैदान बन जाने के कारण क्रिकेट के साथ-साथ फुटबाल, वालीवाॅल, कबड्डी, खो-खो में भी छात्र-छात्राओं द्वारा हिस्सा लिया जा रहा है।
मिडिल स्कूल के प्राचार्य संजय ज्योतिषी ने बताया कि आज-कल खेल का ही अपना अलग महत्व है। बच्चें को पढाई के साथ-साथ खेलना भी जरुरी है।
यहाॅ के सचिव जितेन्द्र यादव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2015-16 में मनरेगा की उपयोजना खेल मैदान के तहत 13.85 लाख की लागत से ग्राम पंचायत का कार्य कराया गया। जिसमें 5075 मानव दिवस सृजित किये गये है। खेल मैदान के कार्य में 8 लाख 47 हजार रुपये मजूदरी एवं 5लाख 37 हजार रुपये सामग्री में व्यय किये गये है। खैल मैदान का कार्य वर्ष2015-16 में प्रारंभ हुआ और वर्ष 2016-17 में पूर्ण हुआ है। गांव में खेल मैदान बनने से एक तो यहाॅ के बच्चे एवं युवा खेलों से जुडे रहें है और यहाॅ के लोगों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने से उनकी आर्थिक स्थिति में बदलाव हुआ है।
यहाॅ के युवा बताते है खेल मैदान में सुबह उठकर हम दौड़ लगाते है जिससे हमें पुलिस सेना में होने वाली भर्ती में मदद मिलेगी। रमेश, बंटी, सुरेश, बालमुकुंद, पवन, अंकित यादव, राजभान पटेल बताते है कि नये साल के जनवरी माह में पडोस के गांव वालों के साथ यहाॅ क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। जिसमें जनपद स्तर की टीमें भाग लेती है। खेल मैदान बनने से हम लोग मिडिल स्कूल एवं हाईस्कूल के छात्रों के बीच हर रविवार को मैच खेलते है।
जनपद पंचायत मझौली में पदस्थ अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी उमेश तिवारी ने बताया कि गांव के बच्चों को सही समय पर अवसर प्रदान किये तो वह भी अपना नाम राष्ट्रीय स्तर पर ले जा सकते है। खेल मैदानों में जनपद स्तरीय एवं जिला स्तरीय आयोजित की जाएगी और अच्छा खेल खेलने वाले प्रतिभागियों का जिला स्तरीय एवं प्रदेश स्तरीय टीमो में चयन हो सकेगा।
मीडिया अधिकारी जिला पंचायत जबलपुर
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