कार्यालय जिला पंचायत जबलपुर
//प्रेस विज्ञप्ति//
सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की प्रशिक्षण में दी जानकारी
जबलपुर 12 जुलाई 2016: सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत आम लोगों द्वारा चाही गई जानकारी समय पर उपलब्ध करावें। जानकारी देने के लिए आवेदकों को भटकाये नही। उन्हें अधिनियम की सही जानकारी दे। कार्यालय से संबंधित जानकारी न होने पर आवेदक द्वारा प्रस्तुत किये गये आवेदन को लोक सूचना अधिकारी संबंधित कार्यालय में समय-सीमा में अन्तरण किया जाये। उक्त जानकारी जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीप्रकाश चतुर्वेदी ने जिला पंचायत के सभाकक्ष में सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 पर आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण में दी।
उन्होने बताया कि सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत किसी भी शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा किये जा रहें कार्यो एवं उसकी योग्यता से संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है। उन्होेंने कहा कि अधिकारी कर्मचारी जो भी कार्य करें, वह नियमों के अनुरुप करें ताकि सूचना के अधिकार के तहत जानकारी उपलब्ध कराने में कठिनाई न हो। अधिकारियों द्वारा आवेदक को समय पर जानकारी नहीं देने, गलत एवं भ्रामक जानकारी देने पर दण्ड के स्वरुप में अधिकारियों के वेतन से 250 रुपये प्रतिदिवस एवं अधिकतम 25000/रुपये तक की राशि वसूल की जा सकती है।
श्री चतुर्वेदी ने बताया कि सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत आवेदक किसी भी इलेक्टानिक रुप से संधारित आकडों संबंधी, अभिलेख, दस्तावेज, ज्ञापन ,ई-मेल, मत, सलाह, प्रेस विज्ञप्ति, परिपत्र, आदेश, लाॅगबुक, संविदा रिर्पाट, कागज पत्र, नमूने, माडल एवं किसी प्रायवेट, निकाय से संबंधित सूचनाएं प्राप्त कर सकता है। यदि आवेदक द्वारा जानकारी ग्राम पंचायत की चाही गई है और उसने आवेदन जिला पंचायत कार्यालय में जमा किया गया है तो जिला पंचायत के लोक सूचना अधिकारी को आवेदक के आवेदन को पांच दिवस में अनिवार्य रुप से संलग्न करते हुये ग्राम पंचायत के लोक सूचना अधिकारी तक पहुॅचने और आवेदक को इसकी जानकारी देने के लिए लिखित में भी सूचना जारी की जायें ताकि वह चाही गई जानकारी ग्राम पंचायत में जाकर प्राप्त कर सकें।
सूचना के अधिकार अधिनियम के मास्टर टेनर्स एवं जनपद पंचायत जबलपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मनोज सिंह ने बताया कि सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को निःशुल्क जानकारी समय पर उपलब्ध करायें, यदि आवेदक को समय पर चाही गई जानकारी उपलबध नही कराई जाती है तो 30 दिनों के भीतर विभाग प्रमुख के पास अपील की जा सकती है। उन्होने बताया कि यदि आवेदन अशिक्षित हैं और वह सूचना के अधिकार के तहत जानकाराी प्राप्त करना चाहता हैं तो लोक सूचना अधिकारी द्वारा संबंधिक आवेदक का आवेदन भरकर चाही गई जानकारी आवेदक को 30 दिनों में उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
जिला पंचायत के लोक सूचना अधिकारी ऋषिराज चढार ने सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की विभिन्न धाराओं की जानकारी देते हुये बताया कि आवेदक को सूचना लेने के लिए आवेदन लोक सूचना अधिकारी के नाम से देना होगा। आवेदन के साथ निर्धारित 10 रुपये का स्टॅाम्प पेपर या 10 रुपये नगद जमा कर और कार्यालय से इसकी रसीद भी प्राप्त करें और जानकारी प्राप्त की जास सकती है।
उन्होनें बताया कि आवेदक द्वारा क्या जानकारी चाही गई है उसका स्पष्ट विवरण देना आवश्यक होगा। आवेदन पत्र पर आवेदक का स्थाई पता देना अनिवार्य होगा ताकि चाही गई जानकारी समय सीमा में आवेदक तक पहुॅचाई जा सकं।
प्रशिक्षण में जिला पचायत के परियोजना अधिकारी डा.परवीन कुरैशी, भूपेन्द्र मेहरा, वरिष्ट लेखाधिकारी कविता पटैल, लेखाधिकारी, आरती वानखेडे, वाटरशेड के तकनीकी विशेषज्ञ राजकुमार पटेल, सहायक लोक सूचना अधिकारी शैलेन्द्र अग्रवाल, सहायक परियोजना अधिकारी सीमा पाठक स्टोर प्रभारी सुनील आंनद, रामू बर्मन उपस्थित थें।

कार्यालय जिला पंचायत जबलपुर
//प्रेस विज्ञप्ति//
जिला पंचायत सीईओें ने किया निर्माण कार्यो का निरीक्षण
जबलपुर 12 जुलाई 2016: जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी हर्षिका सिंह ने आज अचानक जनपद पंचायत सिहोरा की ग्राम पंचायत बंधा, खितौला एवं घाट सिमरिया में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत किये जा रहे निर्माण कार्यो का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत की परियेजना अधिकारी कल्पना पाण्डेय,जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आर.एन.सिंह सहायक यंत्री बी.के.साहू मौजूद रहे।
जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने ग्राम पंचायत बंधा में स्वच्छ भारत अभियान के तहत हितग्राही कौशिल्या बाई द्वारा बनाये गये शौचालय की प्रोत्साहन राशि 12000/ रुपये जनपद पंचायत के हस्ताक्षर से एफ.टी.ओ. कर राशि को उसके खाते में जमा कराया। इस अवसर पर उन्होने महिलाओं को प्रेरित करते हुए खुले में शौच न करते हुए गांव को खुले में शौच मुक्त बनाने की बात कही।
श्रीमती सिंह ने ग्राम पंचायत घाट सिमरिया में शासकीय माध्यमिक शाला का निरीक्षण किया। शाला में मघ्यान्ह भोजन की गुणवक्ता की छात्र-छात्राओं से जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान शाला परिसर में वृक्षारोपण करने के निर्देश दिये। वह ग्राम पंचायत खितौला में बैंक द्वारा आयोजित वित्त समावेशन से संबंधित कार्यक्र्रम में शामिल हुई। कार्यक्रम में जिलें की सभी ग्राम पंचायतों में स्व-सहायता समूहों को वित्त समावेश से संबंधित प्रशिक्षण प्रशिक्षण की बात कही।
मीडिया अधिकारी जिला पंचायत जबलपुर


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