कार्यालय, जिला पंचायत जबलपुर
कपिलधारा ने बदली तिन्सा के भूपत की तकदीर
जबलपुर 5 दिसम्बर 2016। जबलपुर जिले के जनपद पंचायत जबलपुर की ग्राम पंचायत तिन्सा के आश्रित गांव लोडी में भूपत गौड पिता कोतू गौड गरीबी, तंगहाली और बेरोजगारी में जीवन जी रहा था। गांव में उसे न तो मजदूरी मिलती थी और न ही अपने असिंचित खेत से भरपूर फसल। कभी-कभी तो असिंचित खेत से बोया गया बीज निकलना भी नही हो पाता था। परिवार का भरण पोषण करने के लिए उसे बरगी आकर ठेकेदारों के यहाॅ मजदूरी करनी पडती थी। मजदूरी के लिए उसे घर से सुबह 6ः00 बजे निकलना पड़ता था और शाम को घर देर से भी पहुॅचाता था। हारा थका होने के कारण उसका स्वभाव भी चिड़चिडा हो गया था। उसकी इस समस्या से महात्मा गांधी नरेगा की उपयोजना कपिलधारा ने न सिर्फ निजात दिलाई बल्कि असिंचित खेत को सिंचित बना कर उसकी तकदीर बदल दी।
भूपत ने बताया घर में वृद्ध माता-पिता के अलावा मेरी पत्नी व तीने बच्चे है, जिनका भरण पोषण करने के लिए मुझे बरगी जाकर मजदूरी का कार्य करना पडता था तब जाकर बडी मुश्किल से परिवार की गुजर बसर चलती थी। सरंपच व सचिव ने महात्मा गांधी नरेगा योजना की ग्राम सभा में जानकारी दी और ग्राम सभा के माध्यम से हमारे खेत में कुआॅ स्वीकृत कर दिया। कुआॅ स्वीकृत होते ही पूरे परिवार सहित गांव के लोगों ने उपयंत्री, सरपंच-सचिव एवं रोजगार सहायक की देखरेख में देखते ही देखते कुएॅ का कार्य पूर्ण हो गया। भगवान की कृपा से कूप में बहुत पानी निकला, जिससे मेरी असिंचित एवं बंजर होती खेती लहलहाती उठी। आदिवासी विकास विभाग द्वारा कुएं से फसल की सिंचाई के लिए इलेक्ट्रिक पंप,स्ंिप्रग पाइप इत्यादि उपलब्ध कराये गये, जिससे मैं अपनी खेती के साथ-साथ आस.पास के खेतो की भी सिंचाई कर 3 गुनी फसल कमा रहा हूॅ।
भूपत ने बताया कि पहले हमारे खेतों में हम केवल बरसात की फसल लिया करते थे।पानी गिर गया तो सोयाबीन की फसल बोकर एक क्विंटल बीज में 8-10 क्विंटल निकल आती थी लेकिन यदि पानी नहीं गिरा तो एक क्विंटल बीज में सिर्फ 4-6क्विंटल ही फसल निकलती थी। लेकिन अब ऐसा नही है जब से महात्मा गांधी नरेगा की उपयोजना कपिलधारा के तहत हमारे खेत में कूप खोदा गया हैं तब से हम सोयाबीन के साथ-साथ गेहू,चना की फसल ले रहे हैै जिनमें एक क्विंटल बीज में 10-15 क्विंटल फसल निकल रही है। इसके अलावा हम गर्मियों में सब्जी भी लगाकर दो से पांच हजार की हर माह आय हो रही है। सच कहुं तो महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना ने मेरी तकदीर बदल दी है।
यहां की सरपंच श्रीमती शशिबाई गौड ने बताया कि पहले भूपत की आर्थिक स्थिति ठीक नही रहती थी लेकिन जब से उसके खेत में कपिलधारा योजना से कूप बना हैं उसकी आर्थिक स्थिति बदल गई है। सचिव सुचित मिश्रा एवं रोजगार सहायक कमल सिंह उईके ने बताया कि कपिलधारा योजना से भूपत जैसे कई ग्रामीण लाभान्वित हुए हैं जिनसे उनका सहन-सहन एवं खान-पान में बदलाव हुआ है।
मीडिया अधिकारी जिला पंचायत जबलपुर
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